– मुखानी के रामड़ी जसुवा में एक ज्वैलरी शॉप के बाहर सब्जी का फड़ लगाकर रचा चोरी का षड्यंत्र
Nepali national Janakraj broke into Radhika Jewellers, according to DDC : एक झटके में जिसने सवा करोड़ की चोरी को अंजाम दे डाला, असल में न तो वह कोई व्यापारी था और न ही धन्नासेठ। असल में तो वो चवन्नी-चवन्नी को मोहताज था। ये वही चवन्नीखोर नेपाली जनक राज जोशी है, जो असल में सब्जी का फड़ लगाकर धनिया और पोदीना बेचता था। वो पिछले तीन माह से मुखानी थाना क्षेत्र में ही रहकर राधिका ज्वैलर्स में सेंधमारी का षड्यंत्र बनाता रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। एक ओर रामड़ी जसुवा में वह दीन-हीन बनकर घूम रहा था और वहीं दूसरी ओर कुसुमखेड़ा में उसने धन्नासेठों ऐसा लबादा ओढ़ रखा था।
जानकारी के मुताबिक, खुद को जनकराज जोशी बताने वाला चोरी का मास्टर माइंड मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। जनकराज के नेपाल से हल्द्वानी पहुंचने की वजह एक चाउमीन वाला है, जो मूलरूप से धारचूला पिथौरागढ़ का रहने वाला है। ये चाऊमीन वाला रामड़ी जसुवा में फास्ट फूड की दुकान चलाता है। यही चाऊमीन वाला जनकराज को रामड़ी जसुवा लेकर पहुंचा। इसी की मदद से जनकराज ने फास्ट फूड की दुकान के बगल में जय मां लक्ष्मी ज्वैलर्स की दुकान के बाहर सब्जी का फड़ लगाकर बैठ गया।
चेहरे से उत्तराखंड मूल का नजर आने वाले जनकराज ने इसका लाभ उठाया। यहां वह सीधा-सादा और दीन-हीन बनकर रह रहा था, लेकिन उसके दिमाग में षड्यंत्र की योजना बन रही थी। यहां सब्जी बेचते-बेचते उसने मुखानी थाना क्षेत्र में रेकी शुरू की और उसकी तलाश कुसुमखेड़ा में तब खत्म हुई, जब उसने राधिका ज्वैलर्स के बगल की दुकान खाली देखी। वह दुकान के मालिक गौरव से मिला तो खुद को धन्नासेठ बताया और खाली पड़ी दुकान को किराए पर लेने की इच्छा जाहिर की। गौरव ने 22500 रुपए मासिक किराया मांगा और जनकराज ने बिना समय गंवाए हामी भर दी।
जनकराज ने भी गौरव को यही बताया था कि वह स्थानीय निवासी और उत्तराखंड मूल का है। इधर, दुकान मिलते ही जनक राज ने अपना गैंग जोड़ना शुरू किया और बीती 19 दिसंबर को उसने गैंग के साथ मिलकर राधिका ज्वैलर्स की दीवार काट डाली। इधर, जांच में जुटी पुलिस जनकराज की तलाश में रामड़ी जसुवा पहुंच गई, लेकिन वो फरार हो चुका था। माना जा रहा है कि 19 दिसंबर की रात घटना को अंजाम देने के बाद जनकराज गैंग के साथ नेपाल पहुंच चुका है। खास बात यह है कि वारदात को अंजाम तक पहुंचाने से कुछ ही पहले उसने रामड़ी जसुवा से अपनी दुकान समेट ली थी।
मुंह में बीड़ी, चेहरे पर सादगी और उम्र 45 साल
सब्जी बेचने की आड़ में एक सनसनीखेज षड्यंत्र रचने वाला जनकराज ने एक साथ चेहरे पर कई नकाब पहन रखे थे। रामड़ी जसुवा में पहाड़ी मूल के लोगों के बीच वह बिलकुल सीधा-सादा बनकर रहता था। चेहरे पर सादगी रहती थी और अगर किसी के पास सब्जी खरीदते वक्त रुपए कम भी पड़ जाते तो वह मुस्कुरा, लेकिन कभी सब्जी देने के लिए इंकार नहीं करता था। लोगों का कहना है कि वह बीड़ी पीने का शौकीन था और उसकी उम्र करीब 45 साल थी। बड़ी बात यह है कि रामड़ी जसुवा में भी उसका सत्यापन नहीं कराया गया था।
उत्तर प्रदेश के तीन शहरों से लेकर नेपाल बॉर्डर तक चौकसी, एसआईटी गठित
SSP has formed an SIT, DDC. : शातिर फरार है और कहां हैं, यह अभी अंधेरे में है। एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने शातिरों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए एसआईटी गठित कर दी है। एसओजी समेत पुलिस की कई टीमें इस वक्त उत्तर प्रदेश के तीन शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के साथ पुलिस नेपाल सीमा पर भी कड़ी निगरानी कर रही है।
एसएसपी ने बताया कि सर्विलांस टीम घटना स्थल पर लगे तमाम सीसीटीवी के फुटेज खंगाल रही है। जिसके आधार पर पुलिस की तीन टीमों को उत्तर प्रदेश के बिजनौर, पीलीभीत और मुरादाबाद रवाना किया गया है। पुलिस की टीमें सोमवार तक शातिरों की तलाश में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दबिश दे चुकी है। इसके अलावा रास्ते में पड़ने वाले टोल, रेलवे और बस स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि शातिरों की तलाश में एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र के पर्यवेक्षण में एसआईटी गठित कर कर दी गई। एसआईटी को एसपी सिटी मनोज कत्याल लीड करेंगे। टीम में सीओ के साथ 8 इंस्पेक्टर जिले के क्राइम एक्सपर्ट हैं।
दुकान मालिक के भूमिका की हो रही जांच
एसएसपी के मुताबिक, घटना में शामिल तीन लोगों को उनकी टीम ने चिह्नित कर लिया है। इसके अलावा घटना में दुकान मालिक गौरव बिष्ट की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह जांच राधिका ज्वैलर्स के मालिक नवनीत से बातचीत के बाद हो रही है। नवनीत ने बताया कि गौरव दुकान में एक कील ठोंकने पर भी ऐतराज करते थे और चोरी की रात इतने शोर-शराबे को भी वह अनदेखा करते रहे। एसएसपी का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले झारखंड और नेपाल में भी हो चुकी हैं। इन घटनाओं में शामिल गैंग को भी उनकी टीम चिह्नित कर रही है।
एसएसपी से मिले स्वर्णकार एसोसिएशन के पदाधिकारी
ग्रीनसिटी सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को एसएसपी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना था कि घटना के बाद से व्यापारियों में भय का माहौल है। उन्होंने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और रिकवरी की मांग की है। बातचीत में यह भी तय हुआ का सर्राफा मार्केट पटेल चौक में एक देखरेख पुलिस चौकी का निर्माण होगा। जिसमें 12-12 घंटे एक हेड कांस्टेबल और एक होमगार्ड शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे।

