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सगे भाइयों की मौत, एक की अंदर दूसरे की घर के पीछे मिली लाश

– आत्महत्या, हत्या या फिर जहरीली शराब पीने से हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

Two real brothers die in Mukhani, DDC : मुखानी थानाक्षेत्र के बचीनगर में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। एक का शव घर के भीतर और दूसरे के घर के पीछे चबूतरे पर पड़ा पाया गया। मौत के वक्त घर में सगे भाइयों की मां और की नाबालिग बेटी मौजूद थी। दोनों सुबह जब सोकर उठे तो सगे भाइयों की मौत हो चुकी थी। पुलिस को घटना स्थल से आत्महत्या जैसे सुराग नहीं मिले हैं। जिसके बाद से पुलिस ने हत्या के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। संभव यह भी है कि दोनों की मौत जहरीली शराब पीने की वजह हुई हो।

बचीनगर एक निवासी मनोज कुमार आर्या (45 वर्ष) पुत्र स्व.पूरन चंद्र यहां अपने छोटे भाई 31 वर्षीय सुनील, वृद्ध मानसिक दिव्यांग मां देवकी देवी और 12 साल की बेटी प्रतिमा के साथ रहता था। दोनों भाई पेशे से मजदूर और शराब के लती थे। बताया जाता है कि सोमवार को दोनों ने शराब पी, खाना खाया और सो गए। सुबह जब मनोज की बेटी सो कर उठी तो दोनों भाई बेसुध पड़े थे।

बेटी के शोर पर इलाकाई लोग पहुंचे तो मौत की बात खुली। क्षेत्रीय लोग दोनों के अंतिम संस्कार में जुट गए, लेकिन तभी सूचना पुलिस तक पहुंच गई। जिसके बादमुखानी पुलिस और सीओ सिटी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। सीओ का कहना है कि मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

मनोज के घर के पास रहने वाले और रुद्रपुर में नौकरी करने वाले मनोज के चचेरे भाई अजय कुमार आर्या का कहना है कि दोनों भाई शराब के आदी थे। वह सुबह से ही शराब पीना शुरू कर देते थे। नशे में इलाकाई लोगों को गालियां बकते थे। क्षेत्रीय लोग भी उनसे परेशान थे। शराब की लत का यह आलम था कि दोनों भाई अपनी साइकिल और घर का दरवाजा तक शराब के लिए बेच चुके हैं।

अजय का कहना है कि उनके पिता और मनोज के पिता के बीच दो बीघा जमीन का बंटवारा हुआ था। मनोज और उसके भाई ने शराब के लिए सारी जमीन कौड़ियों के दाम में बेच डाली। सिर्फ एक छोटा सा खंडहरनुमा घर बचा है, जिसमें दोनों अपनी मां व प्रतिमा के साथ रहते थे। हाल ही में दोनों ने तीन लाख रुपए में एक जमीन बेची थी। इससे मिले रुपए दोनों ने आधे-आधे बांट लिए थे, जिसके बाद से दोनों न सिर्फ अत्यधिक शराब पीने लगे थे, बल्कि खाना भी ऑनलाइन ऑर्डर करते थे।

माना जा रहा है कि जमीन से मिले रुपयों को हासिल करने के लिए भी हत्या की जा सकती है। हो यह भी सकता है कि बची जमीन पर किसी की नजर हो, उसे हथियाने के लिए दोनों को रास्ते से हटा दिया गया। हालांकि हत्या के पुख्ता निशान भी पुलिस को घटना स्थल से नहीं मिले हैं, लेकिन दोनों भाइयों की एक साथ मौत ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सीओ सिटी अमित कुमार का कहना है कि इसे अभी आत्महत्या नहीं कहा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी। इसके अलावा घटनास्थल से मारपीट जैसा भी कुछ सामने नहीं आया है।

चार साल पहले दो बच्चों को लेकर चली गई थी बीवी
मनोज की रानीखेत स्थित तिरछाखेत निवासी लता देवी से शादी हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हुए। कई साल तक लता इस बात का इंतजार करती रही कि मनोज की आदतों में सुधार आएगा, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो करीब चार साल पहले लता अपने दो बच्चों को लेकर गायब हो गई। मंगलवार को जब मनोज के मौत की खबर मिली तो चचेरे भाई अजय ने मनोज के साले को फोन किया। पता लगा कि उनका भी कई सालों से लता से संपर्क नहीं हुआ है।

मां और बच्ची को अपनाने से बहनों ने किया इंकार
दोनों भाइयों की मौत के बाद मानसिक दिव्यांग मां देवकी देवी और महज 12 साल की प्रमिता का भविष्य अंधकार में है। इधर, मौत की खबर सुनकर मौके पर मृतकों की दो बहनें पहुंची। यहां परिवार के कई और लोग भी थे। जब यह सवाल उठा कि अब मां और अनाथ हो चुकी प्रमिता की देखरेख कौन करेगा तो मनोज की दोनों बहनों ने हाथ खड़े कर दिए। बड़ी बहन का कहना था कि मां को वृद्धा आश्रम भेज देंगे, जिसका खर्चा वह दे देगी। वहीं मनोज ने बड़ा दिल दिखाया और प्रमिता की जिम्मेदारी लेने की बात कही।

बचीनगर में कच्ची शराब का बड़ी सिंडिकेट
दोनों भाई शराब के लती थे और अकसर वह देसी शराब पीते थे, लेकिन जब देसी नहीं मिलती थी तो कच्ची शराब भी पी लेते थे। इलाकाई लोगों का कहना है कि बचीनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब की तस्करी की जाती है। महज 50 रुपए का शराब का पाउच यहां आसानी से उपलब्ध हो जाता है। हालांकि यह शराब नियमों के तहत नहीं बनाई जाती, जिससे इसके जहरीले होने की आशंका भी प्रबल रहती है। संभव है कि इसी शराब की वजह से भाइयों की मौत हुई हो।

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