स्कूटी घर में थी, मंगलपड़ाव में चालान हो गया, मैसेज मोबाइल पर आ गया

– पुलिस के कारनामे से महिला चिकित्सालय में काम करने वाली महिला हैरान, पीडीएफ मिलने पर चौंकी

Challan for scooter parked at home, DDC : हल्द्वानी पुलिस का ये कारनामा जिसने सुना हैरान रह गया। मामला एक स्कूटी के नो-पार्किंग चालान से जुड़ा है। ये स्कूटी घर में खड़ी थी और पुलिस ने घर में खड़ी इस स्कूटी को मंगलपड़ाव में खड़ा दिखाकर चालान कर दिया। स्कूटी मालिक चिकित्साकर्मी के मोबाइल पर चालान पहुंचा तो उनके होश फाख्ता हो गए। उनके पास सुबूत के तौर पर ऑनलाइन चालान में दर्शायी गई फोटो है, जो उनकी नहीं किसी और के स्कूटी की है।

शोभा टम्टा ने बताया कि वह महिला चिकित्सालय हल्द्वानी में कार्यरत हैं और हाईडिल गेट काठगोदाम में रहती हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की शिकायत की है। शोभा का कहना है कि बीती अक्तूबर को शाम 4:57 बजे उसकी स्कूटी के नंबर से नो पार्किंग का चालान हो गया। जब उनके मोबाइल पर चालान का पीडीएफ आया तो वह हैरत में पड़ गईं।

उन्होंने बताया जिस वक्त चालान की तारीख और समय दर्शाया गया है, उनकी स्कूटी उस समय घर पर खड़ी थी। चालान में दर्ज है कि उक्त चालान मंगलपड़ाव में सदर बाजार स्थित दि कूर्मांचल बैंक के पास किया गया। नो-पार्किंग में हुए चालान की राशि 500 रुपये है, जिसे जल्द जमा करने को कहा गया।

गनीमत की बात सिर्फ इतनी है कि चालान में जिस स्कूटी को दिखाया गया है, वह उनकी नहीं है। उनके पास जूपिटर की स्कूटी है, जबकि चालान में लगी फोटो फसीनो स्कूटी की है। मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी गौरव जोशी का कहना है कि चालान दर्ज करते वक्त डिजिट ऊपर-नीचे हो गए। चूक को दुरुस्त कर दिया गया है।

जितने का चालान नहीं, उतना दौड़-भाग में खर्च कर दिया
महिला को चालान मिला तो वह परेशान हो गई। उन्हें पता नहीं था कि चालान पुलिस ने किया है या फिर यातायात पुलिस ने। पुलिस की गलती को ठीक कराने के लिए वह सीओ कार्यालय पहुंची। यहां से उन्हें काठगोदाम यातायात कार्यालय भेज गया। काठगोदाम पहुंची तो फिर से हल्द्वानी पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा गया। बाद में पता लगा कि चालान मंगलपड़ाव पुलिस ने किया था। महिला का कहना है कि चालान तो 500 का था, लेकिन गलती दुरुस्त कराने में इससे ज्यादा उन्होंने दौड़-भाग में फूंक दिए।

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