. साइबर ठगी की पूरी चेन पर उत्तराखंड पुलिस का प्रहार, 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 644 सिम और 630 आईएमईआई ब्लॉक
DDC : साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे बैंक खातों, मोबाइल सिम, एटीएम और अन्य संसाधनों पर उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेशव्यापी सात दिवसीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ के तहत बड़ी कार्रवाई की। 24 अगस्त से एक सितंबर तक चले अभियान में 820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन कर 159 एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने ठगी की रकम निकालने वाले नेटवर्क और साइबर अपराध में इस्तेमाल डिजिटल संसाधनों को भी निशाना बनाया। अभियान में 10 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई।
अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन के अनुसार, अभियान के दौरान 1,236 एटीएम निकासी मामलों या स्थानों का सत्यापन कर 32 एफआईआर दर्ज की गईं। वहीं 84 चेक निकासी मामलों की जांच में 37 एफआईआर दर्ज हुईं। साइबर अपराध में इस्तेमाल पाए गए 644 संदिग्ध सिम और 630 आईएमईआई ब्लॉक कराए गए, जबकि 442 संदिग्ध मामलों का सत्यापन किया गया।
पुलिस ने इस अभियान में केवल ठगी करने वालों तक सीमित कार्रवाई नहीं की, बल्कि साइबर ठगी की रकम को खातों में लेने, दूसरे खातों में भेजने और एटीएम या चेक के जरिये निकालने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया। एसटीएफ के मुताबिक, संदिग्ध बैंक खातों और निकासी केंद्रों की जांच के जरिए रकम के लेनदेन की कड़ियों और उनसे जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
हरिद्वार में 200 से अधिक खातों वाला नेटवर्क पकड़ा
ऑपरेशन के दौरान हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ‘नवादा ग्रुप’ नाम के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। तकनीकी जांच में नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक बैंक खाते सामने आए, जिनमें साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के साक्ष्य मिले। आरोपियों के पास से 45 से अधिक एटीएम कार्ड, 20 बैंक पासबुक, दो लैपटॉप और 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
240 पुराने आरोपियों की मैपिंग से सामने आईं नई कड़ियां
पुलिस ने वर्ष 2026 में 240 साइबर अपराधियों और संदिग्धों का विवरण I4C के Samanvaya Portal पर अपलोड किया। इनकी दूसरे राज्यों के साइबर अपराध मामलों से मैपिंग में 100 से अधिक अंतरराज्यीय कड़ियां सामने आने का दावा किया गया है। इन कड़ियों के आधार पर संबंधित राज्यों के साथ समन्वय कर सत्यापन और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
1930 पर शिकायतों से 23.44 करोड़ रुपये बचाए
ऑपरेशन के अलावा वर्ष 2026 में 1930 और NCRP पर मिली 18,749 साइबर अपराध शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के समन्वय से करीब 23.44 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड/सेव कराने का दावा किया है।
एसटीएफ के मुताबिक साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। तकनीकी माध्यमों से संदिग्ध बैंक खातों, सिम, मनी म्यूल और अन्य डिजिटल संसाधनों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

