. बुधवार रात गोरापड़ाव में वारदात, दो कारों में से आए थे हथियारबंद करीब 10 डकैत, 8 लाख रुपए की नकदी और जेवर लेकर हुए फरार, अधिकारियों समेत 40 पुलिसकर्मियों की टीम तलाश में
DDC : रात गोरापड़ाव में डकैतों ने जुआरियों के अड्डे पर डाका डाल दिया। एसओजी बनकर अड्डे में दाखिल हुए नकाबपोश डकैतों ने खेल खेल रहे लोगों को असलहों और धारदार हथियारों की नोंक पर ले लिया। डकैतों ने खुद को एसओजी की टीम बताया और हरकत करने पर गोली मार देने की धमकी दी। अचानक हुई वारदात से खिलाड़ी सहम गए। सभी के मोबाइल फोन डकैतों ने कब्जे में लेते ही फड़ और खिलाड़ियों के जेब में पड़ी नकदी लूट ली। जाते-जाते डकैत खिलाड़ियों की चेन और अंगूठी भी लूट ले गए। दो कारों से आए डकैतों की तलाश में आलाधिकारियों और क्राइम स्पेशलिस्ट की 40 लोगों की टीम लगी है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अंबा विहार तीनपानी निवासी नारायण दास पुत्र रोशन लाल ने मुकदमा दर्ज कराया है। एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बताया कि वारदात बरेली रोड, गोरापड़ाव स्थित किया शोरूम के पास हुई। रात यहां एक मकान में करीब 10 लोग मौजूद थे, जो खेल खेल रहे थे। इस खेल में पार्टी भी चल रही थी कि तभी स्कॉर्पियो और वर्ना कार में सवार होकर 10 लोग पहुंचे। इनमें कुछ के चेहरों पर नकाब था, 8 लोंगों के हाथ में बंदूक, तमंचे व दो लोगों के हाथ में धारदार हथियार थे।
सभी वाहनों से उतरते ही बेहद तेजी से जबरन मकान के भीतर दाखिल हुए। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही डकैतों ने सभी को अपने हथियार के निशाने पर ले लिया। धमकाते हुए कहाकि वह एसओजी से हैं और अगर किसी ने हरकत की तो वह गोली चलाने से गुरेज नहीं करेंगे। हथियार देखते ही वहां मौजूद लोग सहम गए। कुछ लोगों ने हथियार ताने और कुछ लोगों ने वहां फैली रकम बटोरनी शुरू की। जबकि इन्हीं में से कुछ ने खेल खेल रही खिलाड़ियों के जेब से रकम निकालनी शुरू की।
इसके साथ ही हाथों से अंगूठी और गले से चेन तक उतरवा ली। जाने से पहले डकैतों ने सभी के मोबाइल फोन कब्जे में लिए और मौके से फरार हो गए। इसी वजह से पुलिस को सूचना देने में थोड़ा समय लगा। एसएसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के 40 क्राइम स्पेशलिस्ट की टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल टीम को लीड कर रहे हैं।
8 लाख रुपए और 3 सोने की चेन लूटी
हल्द्वानी : मामले में वादी नारायण दास ने बताया कि उनकी किया शोरूम के पीछे ऑफिस और गैराज है। 19 अगस्त की रात ऑफिस में भीम दानू, महेन्द्र लटवाल, मनोज बिष्ट, सचीन सिंह रितेश और पांच से छः अन्य लोग मौजूद थे। उसी समय लगभग 10 अज्ञात लोग हथीयारबंद ऑफिस पहुंचे सभी से रुपए, मोबाइल फोन, सोने की चेन, अंगूठी आदी लूट ली। सभी से लगभग 8 लाख रुपए, 3 सोने की चेन और 12 मोबाइल फोन लूटे गए।
एक बिना नंबर, दूसरे पर फर्जी नंबर, दरऊ में दिखे
हल्द्वानी : पुलिस ने इस मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में जिन दो वाहनों का इस्तेमाल किया गया था, उनमें से एक पर तो नंबर प्लेट लगी थी, लेकिन दूसरी बिना नंबर की थी। जिस पर नंबर प्लेट लगी थी, पुलिस ने उसकी तस्दीक की और पता लगा कि वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाया था। ऐसे में पुलिस ने घटना स्थल से भागने की दिशा में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किया तो सामने आया कि आरोपी गोरापड़ाव से हल्दूचौड़, लालकुआं, नगला और किच्छा होते हुए किच्छा के ही दरऊ में आखिरी बार दिखे।
हारे खिलाड़ी ने बिछाया जाल या अंदर से मुखबिरी
हल्द्वानी : वारदात को जिस तरह से और जितनी तेजी से अंजाम दिया गया, उससे इतना तो साफ है कि इस डकैती के पीछे कोई ऐसा आदमी है, जिसे सबकुछ पता था। यानी उसे यह पता था कि अगर 19 तारीख को डकैती डाली जाए तो मोटी रकम मिलेगी। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि डकैती में किसी ऐसे खिलाड़ी का हाथ हो सकता है, जो बड़ी रकम हारा हो। यहां खिलाड़ियों के लिए तीन सेवादार भी हैं, जो खेल के दौरान सेवा करते हैं। संभावना है कि इन्हीं तीन में से किसी ने मुखबिरी की हो। बहरहाल, पुलिस हर संभावित शंका को खंगाल रही है।
रास्ते में फेंके मोबाइल, जाने से पहले ले गए डीवीआर
हल्द्वानी : डकैतों ने बेहद सोच-समझ कर खिलाड़ियों से उनके मोबाइल लूटे। अगर वो ऐसा न करते तो शायद पुलिस को समय से सूचना मिल जाती और हो सकता था कि डकैत बुधरात रात ही दबोच लिए जाते, लेकिन इसी वजह से डकैतों ने मोबाइल लूटे। पुलिस जब सीसीटीवी खंगालती डकैतों की तलाश में निकली तो उन्हें लूटे गए कुछ मोबाइल फोन भी रास्ते में पड़े मिले। आलम यह था कि अपनी पहचान पूरी तरह छिपाए रखने के लिए डकैतों ने घटना स्थल पर लगा सीसीटीवी का डीवीआर भी निकाल कर ले गए, जिसमें सारे डकैतों की तस्वीर कैद है।
मौके पर पहुंचे एसएसपी, क्राइम स्पॉट कराया सील
हल्द्वानी : एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी जैसे ही शहर पहुंचे गुरुवार को वह सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे। एसएसपी ने क्राइम स्पॉट को सील कराते हुए बतााय कि 40 लोगों की टीम में एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार, सीओ लालकुआं के साथ विभिन्न थाना प्रभारी, एसओजी, एडीटीएफ, सायबर टीम के साथ क्राइम स्पेशलिस्ट हैं। डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर अपराध है और अपराधियों को पकड़ने के लिए टीम के अलग-अलग लोगों को अलग-अलग टास्क दिए गए हैं।

