चेन्नई से लौट रहे सेना के जवान की मौत, अमीबा संक्रमण की आशंका

तुषार जोशी का फाइल फोटो।

. एसएसबी का कोर्स पूरा करने के बाद समुद्र में नहाने गए थे तुषार, ट्रेन से दिल्ली लौटते समय बिगड़ी तबीयत

DDC : सेना में तैनात हल्द्वानी के 26 वर्षीय जवान तुषार जोशी की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। तुषार करीब चार माह से चेन्नई में अधिकारी बनने से संबंधित कोर्स कर रहे थे। आठ अगस्त को कोर्स पूरा होने के बाद वह चेन्नई में समुद्र में नहाने गए थे। इसके बाद ट्रेन से दिल्ली लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के कैंट बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया गया।

परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकीय बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि तुषार की तबीयत बिगड़ने के पीछे अमीबा संक्रमण की आशंका हो सकती है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह की अंतिम पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

चीन सीमा पर तैनात थे तुषार
आरटीओ रोड, मुखानी निवासी तुषार के पिता भुवन चंद्र जोशी सेना से वारंट ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार मूलरूप से मुनस्यारी रोड स्थित श्यामली क्षेत्र का रहने वाला है। परिवार में मां प्रेमा जोशी, बड़ा भाई मोहित और एक बहन है। बड़ा भाई मोहित भी सेना में नायक के पद पर कार्यरत है।

परिजनों के अनुसार तुषार करीब सात साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और पिछले कुछ महीनों से अपनी पलटन के साथ चीन सीमा पर तैनात थे। करीब चार माह पहले उन्हें अधिकारी बनने से संबंधित कोर्स के लिए चेन्नई भेजा गया था।

कोर्स पूरा होने के बाद समुद्र में गए थे नहाने
पिता के अनुसार, तुषार का कोर्स आठ अगस्त को पूरा हुआ था। इसके बाद वह चेन्नई में समुद्र में नहाने गए थे। समुद्र से लौटने के बाद वह ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। सफर के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें कैंट बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। मंगलवार को सेना के जवान का शव हल्द्वानी लाया गया, जहां परिजनों और परिचितों की मौजूदगी में चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

अमीबा संक्रमण की आशंका, पुष्टि बाकी
परिजनों को मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तुषार की बीमारी को अमीबा संक्रमण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सा अमीबा संक्रमण था और संक्रमण का वास्तविक स्रोत क्या था।

विशेषज्ञों के अनुसार Naegleria fowleri एक अत्यंत दुर्लभ, लेकिन गंभीर संक्रमण का कारण बनने वाला अमीबा है। यह आम तौर पर गर्म या गर्म मीठे पानी में पाया जाता है और दूषित पानी नाक के रास्ते शरीर में जाने पर मस्तिष्क तक पहुंचकर Primary Amebic Meningoencephalitis (PAM) नामक गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है। यह संक्रमण बेहद दुर्लभ है और तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।

बेहद दुर्लभ होता है संक्रमण
Naegleria fowleri संक्रमण बेहद दुर्लभ माना जाता है। उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार इसके संक्रमण के बाद शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, मितली और उल्टी हो सकती है, जबकि बाद में गर्दन में अकड़न, भ्रम, संतुलन बिगड़ना, दौरे और चेतना में बदलाव जैसे गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं।

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