– अब गेहूं 2,610 रुपये प्रति क्विंटल और 6 रबी फसलों में मूल्य बढ़ाने की घोषणा, केंद्र सरकार ने 2027-28 के लिए बढ़ाई एमएसपी, 90 हजार करोड़ भुगतान का अनुमान
DDC : केंद्र सरकार बुधवार को रवि 2027-28 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 25 रुपये बढ़ाकर 2.610 रुपये प्रति क्विंटल कार दिया। इसके साथ ही पांच अन्य प्रमुख रबी फनमलों के एमएसपी में 83 रुपये से लेकर 675 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गेहूं, जौ, चना, मसूर, पिसोड सरसों और कुसुम (फ्लावर) के एमएसपी संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी। दलहन और तिलहन के समर्थन मूल्य में गेहूं में विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं कर एमएस 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। अब इसे 25 रुपये बढ़ाकर 2.610 रुपये किया गया है।
इसी तरह जी का एमएसपी 136 रुपये बढ़ाकर 2.250 रुपये प्रति क्विंटल, चने का 83 रुपये बढ़ाकर 5,958 रुपये और मसूर कर 390 रुपये बढ़ाकर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। रैपसोड सरसों का एमएसपी 413 रुपये बढ़ाकर 6.613 रुपये प्रति क्विंटल और कुसुम का 675 रुपये बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
कुसुम के एमएसपी में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के इस निर्णय पर संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सभी छह अधिसूचित रबी फसलों के लिए उत्पादन लागत पर कम-से-कम 50 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित किया है। गेहूं को उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि 2027-28 के लिए इसका एमएसपी 2,610 रुपये रखा गया है।
अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के मुकाबले गेहूं में एमएसपी का मार्जिन 106 प्रतिशत है। इसके बाद सरसों में 96 प्रतिशत, मसूर में 92 प्रतिशत, चने में 59 प्रतिशत, जौ में 55 प्रतिशत और इजरा कुसुम में 50 प्रतिशत का मार्जिन रखा गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक 2027-28 के विपणन वर्ष में 324 लाख टन की खरीद पर किसानों को कुल 90,962 करोड़ रुपए का भुगतान होने का अनुमान है।
फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा
कृषि मंत्रालय ने कहा कि रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने के साथ फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वैष्णव ने कहा है कि अनाज के मुकाबले दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए इन फसलों के एमएसपी में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एमएसपी तय करते समय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने किसानों और उपभोकओं के हितों के साथ कृषि क्षेत्र की टिकाऊ वृद्धि की जरूरत को भी ध्यान में रखा है। इससे खाद्य मुद्रास्फीति पर संभावित प्रभाव को भी संतुलित करने की कोशिश की गई है। वैष्णव ने पूर्ववर्ती सरकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से कृषि क्षेत्र में तीन से साढ़े तीन प्रतिशत की वृद्धि को भी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
जबकि पिछले 12 वर्षों में कृषि वृद्धि लगाकर चार प्रतिशत से अधिक रही है। सभी छह रबी फसलों की बुवाई अगले महीने शुरू होगी, जबकि इनकी कटाई अप्रैल से शुरू होती है। रबी सत्र की मुख्य फसल गेंहू है। कृषि मंत्रालय ने 2026-27 फसल वर्ष के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 17.772 करोड़ टन रखा है। इसमें गेंहू का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन है।
छह रबी फसलों की नई एमएसपी दरें
| फसल | 2026-27 एमएसपी | 2027-28 एमएसपी | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| गेहूं | ₹2,585 | ₹2,610 | ₹25 |
| जौ | ₹2,150 | ₹2,286 | ₹136 |
| चना | ₹5,875 | ₹5,958 | ₹83 |
| मसूर | ₹7,000 | ₹7,390 | ₹390 |
| रेपसीड एवं सरसों | ₹6,200 | ₹6,613 | ₹413 |
| कुसुम | ₹6,540 | ₹7,215 | ₹675 |

