. बनभूलपुरा के जवाहर नगर में ससुराल से कुछ दूर पर रहने वाले जीजा ने आधी रात के बाद तार से घोंटा साले का गला
DDC : बनभूलपुरा के जवाहर नगर में आधी रात के बाद जीजा ने अपने ही मुंहबोले साले को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब मुंहबोला साला घर के बरामदे पर सो रहा था। पूरी रात लाश बरामदे पर पड़ी रही और सुबह पता तब चला जब घर के अंदर सो रहे लोगों की नींद खुली। वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
गढ़मुक्तेश्वर हापुड़, उत्तर प्रदेश निवासी अमन ठाकुर (29 वर्ष) पुत्र भोले ठाकुर पिछले तीन सालों से बनभूलपुरा के जवाहरनगर में रहने वाली परबीना पत्नी स्व. जगदीश के घर में उसका मुंहबोला बेटा बनकर रहता था। परबीना की चार बेटियां प्रीति, कशिश, रागिनी, नेहा और 14 साल का बेटा वंश है। कशिश की शादी पास ही रहने वाले निक्की उर्फ राजेंद्र से हुई है।
परबीना का कहना है कि मंगलवार रात कशिश अपने भाई वंश के साथ मायके में थी। जबकि परबीना बड़ी बेटी प्रीति की ससुराल रामपुर में थी। मोहल्ले में एक बर्थडे पार्टी थी। इस पार्टी में अमन और निक्की के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद रात अमन घर के बाहर बरामदे में आकर सो गया। अमन ने शराब पी रखी थी। बताया जा रहा है कि रात 12 बजे के बाद निक्की अपने घर से वापस और गला घोंट कर अमन को मौत के घाट उतार दिया।
घटना के वक्त घर के अंदर निक्की की पत्नी कशिश और वंश सो रहे थे, लेकिन न तो इसकी भनक उन्हें लगी और न ही मोहल्ले में किसी को पता चला। अगली सुबह करीब साढ़े 7 बजे कशिश बाहर निकली तो अमन मरा पड़ा था। सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, एएसपी/सीओ सिटी अमित कुमार सैनी और बनभूलपुरा कोतवाल डीएस फर्त्याल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परबीना ने बताया कि दामाद निक्की को अमन और अपनी पत्नी कशिश के रिश्तों को लेकर शक था और इसी वजह से उसने घटना को अंजाम दिया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि शक में हत्या को अंजाम दिया गया है। हत्यारोपी को हिरासत में ले लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। वारदात के वक्त घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई है।
सोते में घोंटा गला, नशे में न चीख पाया न कर पाया विरोध
बर्थडे पार्टी में अमन और निक्की के बीच वंश ने बीच-बचाव किया था। बताया जाता है कि निक्की भी शराब के नशे में था और अमन लगभग रोज ही शराब पीता था। बीच-बचाव के बाद वंश, अमन को लेकर घर चला गया और निक्की अपने घर चला गया। अमन रोज की बरामदे में सोता था और मंगलवार रात भी वहीं सो गया। अमन कब लौटा, पता नहीं और कब वह अमन का गला घोंट कर चला गया, यह भी पता नहीं चला। अमन तो इसलिए न चीख पाया और न विरोध कर पाया क्योंकि वह शराब पीकर सोया था। हालांकि कुछ फीट की गली और बेहद सघन आबादी वाले मोहल्ले में भी किसी को भनक नहीं लगी।
कई महीनों से अमन और निक्की में चल रही थी टशन
निक्की को अमन पर शक था और इसी शक की वजह से निक्की, अमन के खिलाफ लंबे समय से टशन पालकर बैठा था। परबीना का कहना था कि वह अमन की अपनी बेटी कशिश से शादी कराना चाहती थी, लेकिन कशिश ने यह कहकर इंकार कर दिया कि अमन शराब पीता है। जिसके बाद कशिश की शादी निक्की से हो गई। परबीना का कहना है कि इसी बात को लेकर निक्की के मन में खटास थी और वह अमन पर शक करता था। इसी के चलते दोनों के बीच लगातार विवाद होते रहते थे और इसी वजह से उसने निक्की ने अमन को मौत के घाट उतार दिया। परबीना को डर है कि अमन उसकी बेटी और बेटे को भी जान से मार सकता है।

