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हल्द्वानी में छोटे भाई के खून से रंगे बड़े भाई ने हाथ, स्मैक बनी हत्या की वजह

– मुखानी में घर के बाहर ही दिया वारदात को अंजाम, बड़े भाई ने दर्ज कराया हत्यारे भाई पर मुकदमा

Elder brother murdered younger brother, DDC : हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई के खून से हाथ रंग लिए। स्मैक के लिए लती बड़े भाई ने लत पूरी करने के लिए उससे रुपये मांगे थे। छोटे भाई ने पैसे न होने की बात कही तो वह बौखला गया। उसने वहीं पड़ी भारी-भरकत बल्ली उठा कर छोटे भाई के सिर पर मार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारे के खिलाफ उसी के बड़े भाई ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी पुलिस की हिरासत में है।

पांच भाइयों में सबसे छोटा था सूरज
बच्चीनगर एक लामाचौड़ मुखानी निवासी सूरज चंद्र जोशी (28 वर्ष) पुत्र स्व.गिरीश चंद्र जोशी बेरोजगार था। वह यहां मां मोहिनी के साथ रहता था। उसकी छह बहनें हैं और पांच भाइयों में सबसे छोटा था। पिता सेना से सेवानिवृत्त थे और तीसरे नंबर का भाई मनोज स्मैक का लती है। बताया जाता है कि बीती 14 जुलाई की रात करीब 9 बजे सूरज और मनोज घर के बाहर की मौजूद थे। परिजनों के मुताबिक मनोज ने सूरज से स्मैक के लिए पैसे मांगे। सूरज के पास पैसे नहीं थे और उसने इंकार कर दिया।

राममूर्ति तक ले गए, नहीं बची जान
इस पर मनोज ने झगड़ा शुरू कर दिया और पास ही पड़ी बल्ली उठा कर अपने ही छोटे भाई सूरज के सिर पर मार दी। जोरदार वार से सूरज लहूलुहान हो कर वहीं गिर गया। परिजनों ने आनन-फानन में इसकी सूचना मुखानी पुलिस को दी और सूरज को एक निजी लेकर अस्पताल पहुंचे। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने सूरज को बरेली स्थित राम मूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूरज की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

फौजी भाई ने लिखाई भाई पर FIR
परिजन उसी दिन सूरज के शव को लेकर घर पहुंचे। सूरज के भाई हरीश चंद्र जोशी ने अपने बड़े भाई मनोज के खिलाफ मुखानी पुलिस को तहरीर सौंपी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुखानी थानाध्यक्ष पंकज जोशी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के पीछे स्मैक के लिए पैसों की मांग की बात सामने आ रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एक भाई आर्मी में, दूसरा आर्मी से सेवानिवृत्त
सूरज भले ही बेरोजगार था, लेकिन उसके पांच भाइयों में दूसरे नंबर का सेना से सेवानिवृत्त है और चौथे नंबर का हरीश चंद्र जोशी आर्मी में सिपाही के पद पर तैनात है। जबकि पिता गिरीश चंद्र जोशी भी आर्मी से सेवानिवृत्त थे। सूरज की पांच बहनें है और सभी की शादी हो चुकी थी। इसमें से तीसरे नंबर का भाई मनोज जिस पर हत्या का आरोप है वह गलत संगत में पड़ कर स्मैक का लती हो गया।

बड़ा भाई बोला, मनोज से मोहल्ला दहशत में
मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले हरीश चंद्र जोशी आर्मी में हैं और वह मनोज से छोटे हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में मनोज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बताया जाता है कि स्मैक के लती मनोज से सिर्फ घरवाले परेशान नहीं थे, बल्कि इलाकाई लोग भी परेशान थे और अपने ही भाई की हत्या करने के बाद मोहल्ला दहशत में है।

घरवालों ने ही पकड़ कर पुलिस को सौंपा
इस मामले में 18 जुलाई को तहरीर मिली और उसी दोपहर मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इधर, घटना को अंजाम देने के बाद मनोज भाग पाता, इससे पहले ही घरवालों ने उसे पकड़ लिया। उसने भागने की कोशिश भी की, लेकिन भाग नहीं सका। इधर, जब राममूर्ति में चिकित्सकों ने सूरज को मृत घोषित कर दिया तो घरवालों ने खुद ही मनोज को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

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