बीवी से हारा तो उसके प्रेमी को पत्थर से कुचल कर मौत के घाट उतारा

– कद-काठी से हष्ट-पुष्ट था तरुण, इसीलिए शरीर से कमजोर अनिल कभी टकराने की नहीं जुटा पाया हिम्मत

Tarun Singh Rawat murder case, DDC : बीवी, अनिल को कुछ नहीं समझती थी। तरुण के साथ उसकी नजदीकियां आम थीं और अनिल चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था। रोज पत्नी गीता को प्रेमी के साथ देखकर अनिल अपनी ही नजरों में खुद को गिरा हुआ महसूस करने लगा था। उसका मन गुस्से से भर चुका था, लेकिन चाह कर भी अपना गुस्सा निकाल नहीं पा रहा था। पत्नी का प्रेमी तरुण कद-काठी से हष्ट-पुष्ट था और अनिल कमजोर। यही वजह थी कि वह कभी तरुण का मुंह पर विरोध नहीं कर पाया, लेकिन शुक्रवार की रात जब उसने शराब पी तो वो कर डाला, जिसका न तो उसकी पत्नी गीता को अंदाजा था और न ही तरुण को। उसने सोते वक्त ईंट-पत्थर से कुचल कर तरुण को मौत के घाट उतार दिया।

बनभूलपुरा थानाक्षेत्र के वार्ड 60 गौजाजाली में रहने वाला 41 वर्षीय अनिल आर्या 14 वर्ष पहले तक साहू धर्मशाला, दुर्गामंदिर राजपुरा में रहता था। पांच साल पहले वह गौजाजाली में पत्नी गीता, 13 साल के बेटे 9 साल की बेटी के साथ तब रहने आया, जब उसे अपनी पत्नी और 26 वर्षीय तरुण साहू पुत्र राधे श्याम के बीच अवैध संबंध का पता चला, लेकिन तरुण ने पीछा नहीं छोड़ा। तरुण तिकोनिया स्थित शराब की एक दुकान में कैंटीन चलाता था। जबकि अनिल ई-रिक्शा चालक था। अनिल शरीर से कमजोर, जबकि तरुण हष्ट-पुष्ठ था। वह चाह कर भी उसका विरोध नहीं कर पाया। इसकी वजह उसकी पत्नी भी थी, जो हमेशा तरुण के आगे आकर खड़ी हो जाती थी।

हत्या के वक्त एक साथ थे तरुण और गीता
बताया जाता है कि शुक्रवार रात तरुण, अनिल के घर पहुंचा। तब अनिल शराब के नशे में था। उसका तरुण से विवाद भी हुआ, लेकिन वह कुछ कर नहीं पाया। जिसके बाद वह अपने बच्चों के साथ कमरे में सोने चला गया। जबकि उसकी पत्नी गीता और तरुण बरामदे में रखे तखत में सो गए, लेकिन अनिल नहीं सो पाया। 30 मई रात करीब डेढ़ बजे वह उठा और चुपचाप कमरे से बाहर आया। गीता और तरुण तब गहरी नींद में थे। अनिल एक भारी-भरकम पत्थर ले आया और सोते वक्त उसने तरुण के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। यह देख गीता चीख पड़ी और चीख सुन आस-पड़ोस के लोग जमा हो गए।

आलाकत्ल पत्थर पुलिस ने कब्जे में लिया
पड़ोसियों ने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची। आनन-फानन में मरणासन्न हालत में लहूलुहान पड़े तरुण को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अनिल को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म भी कुबूल कर लिया है। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना स्थल पर मिले उस पत्थर के कब्जे में ले लिया गया है, जिससे हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

गीता बोली, भरण-पोषण नहीं कर पाता अनिल
दो बच्चों की मां गीता ने घटना के बाद अपने ही पति पर आरोप लगाए। उसका कहना है कि उसका पति किसी काम नहीं। ई-रिक्शा से होने वाली कमाई से न तो घर खर्च चल पाता है और न ही अनिल परिवार के भरण-पोषण में सक्षम था। बताया जाता है कि इसके इतर, शराब ठेके में कैंटीन चलाने वाले तरुण के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। उसका न सिर्फ गीता के घर अकसर आना-जाना था बल्कि वह गीता की आर्थिक मदद भी करता रहता था।

राजपुरा में बढ़ीं गीता और तरुण के बीच नजदीकियां
दोनों के बीच पिछले करीब पांच से अवैध संबंध थे। इसी वजह से अनिल ने राजपुरा छोड़ा और गौजाजाली में बस गया। उसने कई बार तरुण को गीता से दूर रहने के लिए भी कहा, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। उल्टा दोनों में नजदीकियां और बढ़ती गईं। गीता और तरुण के मोबाइल में दोनों की बातचीत की लंबी चैट हिस्ट्री है। इसके अलावा कई फोटो और वीडियो भी मौजूद हैं। अनिल ने अपनी पत्नी को भी समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वह भी नहीं मानी।

पिता की तहरीर पर अनिल और गीता पर हत्या का मुकदमा
बनभूलपुरा पुलिस ने मृतक तरुण के पिता राधे श्याम की तहरीर पर अनिल और उसकी पत्नी गीता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। राधे श्याम ने आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि उनका बडा लड़का तरूण वर्तमान में दमुआढूंगा जवाहर ज्योति काठगोदाम में किराए के मकान में रहता था।

30 मई की रात रात लगमग साढ़े 11 बजे जब वह खाना खा रहा था तभी उसके मोबाइल पर गीता साहू ने फोन किया और बुलाया। जिसके बाद तरुण अपने साथ के लड़के को यह कहकर चला गया कि अभी आता हूं। लगभग 2 बजकर 20 मिनट पर गीता साहू ने मेरे बेटे तरूण सिंह के फोन से छोटे बेटे शिवराज सिंह को फोन किया कि अपने भाई को बचा लो। जिस पर छोटा बेटा बताए स्थान गया और राधे श्याम को सूचना दी।

पुलिस ने एम्बुलेन्स से तरूण को लहूलुहान मरणासन्न हालत में डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, उसके सिर से खून बह रहा था। उसे मृत घोषित कर दिया गया। आरोप है कि गीता साहू और अनिल साहू ने तरुण को धोखाधड़ी से बुलाया और उसकी हत्या कर दी। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि आरोपी दंपति के खिलाफ धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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