BJP जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट समेत 11 पर अपहरण, हत्या का प्रयास और दंगे की धाराओं में FIR

– जिला पंचायत चुनाव में बवाल, दिनदहाड़े जिला पंचायत सदस्यों पर हमला, अपहरण और मारपीट का आरोप, विधायक और नेता प्रतिपक्ष के सामने वारदात

FIR against BJP district president Pratap Bisht, DDC : उत्तराखंड के नैनीताल में गुरुवार को जिला पंचायत चुनाव के दौरान जो हुआ, वो लाइव देखा गया। सुबह लगभग 10:15 बजे वोट डालने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य प्रमोद सिंह कोटलिया और उनके सहयोगियों पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया गया। पुलिस के सामने ही इनका अपहरण कर लिया गया और इन सबका आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला मंत्री प्रमोद बोरा, निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल समेत 11 लोगों पर है। टल्ली थाने में सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह सनसनीखेज घटना जिला पंचायत कार्यालय के बाहर  हुई।

प्राप्त तहरीर के अनुसार, प्रमोद सिंह कोटलिया के साथ डिगर सिंह मेवाड़ी, विपिन सिंह जन्तवाल, दीप सिंह बिष्ट और तरुण कुमार शर्मा को एक गुट ने घेर कर न केवल मारपीट की, बल्कि कथित रूप से उनका अपहरण भी कर लिया। आरोपियों में आनंद दरमवाल, प्रताप बिष्ट, चतुर बोरा, प्रमोद बोरा, बाबी भाकुनी, विशाल नेगी, पंकज नेगी, शुभम दरमवाल, कोमल दरमवाल, प्रखर शाह सहित अन्य शामिल बताए जा रहे हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना विधायक सुमित हृदेश, पूर्व विधायक संजीव आर्या, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या व राहुल छिमवाल की मौजूदगी में घटित हुई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन हमलावरों ने खुलेआम कानून को चुनौती दी।

प्रत्यक्षदर्शियों और समर्थकों ने जब बीच-बचाव की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और मोबाइल फोन छीन लिए गए। अपहरण किए गए सदस्यों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। तहरीरकर्ता विनोद कोटलिया ने आशंका जताई है कि उनके भाई सहित अन्य सदस्यों की जान को खतरा है।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और मोबाइल से बनाए गए वीडियो साक्ष्यों को भी संज्ञान में लिया गया है। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है, जबकि पूरे जिले में इस घटना को लेकर राजनीतिक व सामाजिक हलकों में रोष व्याप्त है। तल्ली ताल थानाध्यक्ष रमेश बोरा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

बहरहाल, चुनाव के दिन हुई यह भयावह घटना न सिर्फ प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी गहरा झटका देती है। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और लापता सदस्यों की सुरक्षित वापसी अब सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।

मुकदमा दर्ज किए गए नामजद आरोपियों की सूची

1. आनंद दरमवाल, निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष नैनीताल व पूर्व ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी

2. प्रताप बिष्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा, नैनीताल,

3. चतुर बोरा

4. प्रमोद बोरा, जिला मंत्री, भाजपा

5. बाबी भाकुनी

6. विशाल नेगी

7. पंकज नेगी

8. शुभम दरमवाल

9. कोमल दरमवाल

10. प्रखर शाह

11. अन्य अज्ञात व्यक्ति

BNS की इन धाराओं 115(2), 191(2), 140(3), और 310(2) में हुआ मुकदमा, क्या कहती हैं धाराएं

🔹धारा 115(2) BNS– हत्या के प्रयास से संबंधित (Attempt to murder) यह धारा तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर और पूर्वनियोजित तरीके से किसी की हत्या करने का प्रयास करता है। इसमें यदि किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचती है, तो यह उपधारा (2) के अंतर्गत आता है।

सजा

10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

🔹 धारा 191(2) BNS – अवैध रूप से बंधक बनाना/ अपहरण (Kidnapping or wrongful confinement)

यह धारा ऐसे मामलों में लागू होती है जब किसी व्यक्ति को जबरन, बलपूर्वक या धोखे से कहीं ले जाया जाता है या किसी स्थान पर बंदी बनाकर रखा जाता है।

उपधारा (2) उन स्थितियों को कवर करती है जहां यह उद्देश्य आपराधिक हो, जैसे ज़बरदस्ती चुनाव को प्रभावित करना, राजनीतिक दवाब बनाना, आदि।

सजा

7 वर्ष तक की कैद और जुर्माना

🔹 धारा 140(3) BNS – गंभीर चोट या खतरनाक हथियारों से हमला (Voluntarily causing grievous hurt with deadly weapons)

जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाता है, विशेषकर खतरनाक हथियारों या साधनों के प्रयोग से। यह उपधारा (3) विशेष रूप से तब लागू होती है जब चोट जानलेवा या स्थायी क्षति पहुँचाने वाली हो।

सजा

10 वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों

🔹 धारा 310(2) BNS – दंगा (Rioting) – बल प्रयोग के साथ

जब 5 या उससे अधिक लोग किसी अवैध उद्देश्य से एकत्र होकर बल या हिंसा का प्रयोग करते हैं, तो यह दंगा कहलाता है। उपधारा (2) तब लागू होती है जब दंगे के दौरान घातक हथियारों का प्रयोग या गंभीर हिंसा की जाती है।

सजा

3 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनो

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