22 का बेटा 44 की बहू, ससुर ने मार कर नदी में फेंका और लिखा दी गुमशुदगी

पिथौरागढ़ के बेरीनाग में बहू की हत्या में शामिल हत्यारोपी ससुर व अन्य।

– गुमशुदगी का केस सॉल्व करने में जुटी पिथौरागढ़ पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा 

Father-in-law kills daughter-in-law twice her age, DDC : बेटे को मोहब्बत थी और पिता को भी इस पर ऐतराज नहीं था। ऐतराज था तो अपनी नई-नवेली बहू की उम्र पर। बहू, बेटे के उम्र से दोगुनी बड़ी थी और यह बात ससुर को अखर रही थी। गुस्से की आग में जल रहे ससुर ने बहू को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। बेटे संग मिलकर उसकी हत्या की और लाश को रामगंगा नदी में फेंक दिया। फिर पुलिस के पास पहुंचा और बहू के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस लापता बहू की तलाश में जुटी और जब मामला खुला तो पिथौरागढ़ में सनसनी फैल गई।

मामला की शुरुआत 19 सितंबर 2025 को हुई। जब पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के दड़मेत निवासी बहादुर राम ने अपनी 44 वर्षीय बहू सुनीता देवी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला राजस्व पुलिस के पास था। राजस्व पुलिस मामले की जांच नहीं कर पाई और जब कोई सुराग नहीं लगा तो केस में सिविल पुलिस एंट्री हुई।

सिविल पुलिस ने केस हाथ में लेकर जांच शुरू की तो सामने आया कि बागेश्वर जिले के 22 वर्षीय विजय प्रसाद एक महिला को अपने घर ले आया था। विजय ने पुलिस को बताया कि जिसे वह घर लाया था वह उससे दो गुनी उम्र यानी 44 साल की थी और पहले से शादीशुदा थी। उसने अपनी प्रेमिका से शादी भी कर ली थी। उसने बताया कि पिता को उसकी शादी से गुरेज नहीं था, लेकिन नई बहू को उम्र को लेकर वह नाराज थे।

बेटे की इस हरकत से विजय के पिता रमेश राम (42) बेहद नाराज थे। रमेश ने बहू से छुटकारा पाने की योजना बना डाली। उसने अपने बेटे विजय और दो चचेरे भाइयों हरीश राम (43) और बलवंत राम (45) के साथ मिलकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद सुबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने महिला के शव को रामगंगा नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की और घटना स्थल पर लेकर पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रामगंगा नदी किनारे से महिला का बैग, अंतवस्त्र और दुपट्टा जैसे कुछ सामान बरामद किया।

एसपी रेखा यादव ने बताया कि घटना को काफी समय बीत चुका है, इसलिए महिला का शव मिलना अब मुश्किल है। फिर भी, पुलिस की खोजबीन जारी है। पुलिस ने चारों आरोपियों रमेश राम, विजय प्रसाद, हरीश राम और बलवंत राम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

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