– पति-पत्नी मिलकर लगाकर रहे थे लोगों को चूना, पति बना था चेयरमैन और पत्नी डायरेक्टर
GSFX Global Limited Finance Company turned out to be a scam, DDC : नैनीताल जिले के जालसाजों में एक और दंपति का नाम जुड़ गया है और ठगी के मामले में इन्होंने कई ठगों को पीछे छोड़ दिया है। दो साल में रकम दो गुनी करने का झांसा देकर इस जालसाज दंपति ने करीब 8 हजार लोगों को अपना शिकार बनाया और करीब 39 करोड़ की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। जिस फाइनेंस कंपनी की आड़ में इस शातिर दंपति ने ठगी का जाल बिछाया था, उसमें पति चेयरमैन बना था और पत्नी डायरेक्टर। इस मामले में पुलिस को पहली तहरीर मिली है, जिसके आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुखानी निवासी पार्थ पराशर ने हल्द्वानी कोतवाली में दी तहरीर में लिखा, सत्यलोक कॉलोनी डहरिया में जीएसएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड फाइनेंस कंपनी है और इस कंपनी का सीईओ है विमल रावत। विमल की पत्नी रूबी रावत इस कंपनी की निदेशक और एक अन्य आरोपी अनूप कंडारी भी निदेशक है। पार्थ का आरोप है कि तीनों अपनी टीम के साथ मिलकर लोगों को 25 से 30 महीनों में रकम दो गुनी करने का झांसा देते और अपनी कंपनी में निवेश कराते थे। ये निवेश एक ट्रेडिंग योजना के नाम पर कराया जाता था।
आरोपी कहते थे कि वह जितनी रकम वह निवेश करेंगे, मार्केट ट्रेडिंग में लगाकर लाभ को कंपनी दोगुना कर देगी। झांसे में आए पार्थ ने दो किस्तों में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने पार्थ को एक एग्रीमेंट भी दिया, जिसमें यह लिखा गया था कि कंपनी निवेश की राशि पर 8 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज देगी।
शुरुआत में तो कंपनी ने भरोसा जीतने के लिए पार्थ को 1 लाख 90 हजार रुपये लाभ के तौर पर दिए, लेकिन 8 लाख 90 हजार रुपए वापस नहीं दिए। तकादा करने पर आरोपियों ने फोन बंद कर दिए। जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। बताया जा रहा है कि इस कंपनी में करीब 8 हजार लोगों ने निवेश किया है, जिनका करीब 39 करोड़ रुपया कंपनी दबाए बैठी है। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि तहरीर के आधार पर सीईओ विमल, विमल की पत्नी निदेशक रूबी और दूसरे निदेशक अनूप पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मंडलायुक्त दीपक के दखल पर खुला करोड़ों को खेल
बीते शनिवार को पार्थ ने मंडलायुक्त दीपक रावत के कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंचा। पार्थ की शिकायत पर आयुक्त ने कंपनी के सीईओ विमल रावत को कार्यालय में बुलाया लेकिन सीईओ संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दाल में काला होने की आशंका पर आयुक्त देर सायं कंपनी के सतलोक कॉलोनी स्थित दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कंपनी के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, लेन-देन, बैलेंस शीट आदि मांगी लेकिन सीईओ रावत किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं दिखा सके। इतना ही नहीं, कंपनी के पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा भी नहीं दिखाई दे रहा था।
इस पर आयुक्त जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सतलोक कॉलोनी फेज-6 स्थित दफ्तर का निरीक्षण किया। कंपनी के पास लेनदेन, बैलेंसशीट संबंधी दस्तावेज नहीं थे। वहीं, 3,900 से अधिक लोगों की देनदारी भी सामने आई। जब खातों की जांच की गई तो कंपनी के आईडीएफसी बैंक अकाउंट में 42,455 रुपये तथा एचडीएफसी बैंक अकाउंट में लगभग 50 हजार रुपए मिले। जांच में यह भी सामने आया कि 25 माह में रुपया डबल करने के नाम पर 8 हजार लोगों से 39 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं।


