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न तस्कर बचेंगे न साइबर क्रिमिनल, अपराधियों के लिए बिछाया जाल
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न तस्कर बचेंगे न साइबर क्रिमिनल, अपराधियों के लिए बिछाया जाल

कुमाऊं की आईजी निवेदिता कुकरेती।

. आईजी निवेदिता कुकरेती ने साझा की सीसीटीएनएस और साइबर पोर्टलों की समीक्षा रिपोर्ट, अन्य राज्यों से मिले 97 प्रतिशत अनुरोधों का समयबद्ध निस्तारण

IG Nivedita Kukreti, DDC : नशा तस्कर हो या फिर साइबर क्रिमिनल, अब पुलिस के चंगुल से बच नहीं पाएंगे। आईजी निवेदिता कुकरेती ने इसके लिए मुकम्मल तैयारी कर ली है। मंगलवार को हल्द्वानी में वार्ता के दौरान आईजी ने पुलिस आधुनिकीकरण, सीसीटीएनएस और विभिन्न साइबर पोर्टलों की ऑनलाइन समीक्षा से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग, त्वरित शिकायत निस्तारण और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण आधुनिक पुलिस व्यवस्था की आधारशिला हैं।

आईजी ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाना और आमजन का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना भी है।

सीसीटीएनएस के जरिए बढ़ी डिजिटल कार्यप्रणाली
एक जनवरी से 20 जुलाई 2026 तक कुमाऊं रेंज में सीसीटीएनएस पोर्टल के माध्यम से 19,619 ऑनलाइन सम्मन प्राप्त हुए। इनमें से करीब 50 प्रतिशत सम्मनों की तामील सुनिश्चित की गई। आईजी ने कहा कि सीसीटीएनएस के प्रभावी उपयोग से पुलिस की कार्यप्रणाली पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।

साइबर ठगी के पीड़ितों को मिली बड़ी राहत
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 58.14 लाख रुपये से अधिक की ठगी गई धनराशि पीड़ितों को वापस कराई। केवल एक महीने के भीतर धनराशि वापसी का प्रतिशत 24.04 से बढ़कर 40.64 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं पीड़ितों के अनुरोधों पर पुलिस की कार्रवाई 220 से बढ़कर 1,084 तक पहुंच गई। धनराशि वापसी के मामले में पिथौरागढ़ ने 70.5 प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

शिकायत निस्तारण में पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा आगे
साइबर शिकायतों के निस्तारण में पिथौरागढ़ जिले ने 91 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अल्मोड़ा 82.59 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। आईजी ने दोनों जिलों की कार्यप्रणाली की सराहना की।

303 सिम और 320 मोबाइल ब्लॉक
साइबर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 1,268 संदिग्ध लोकेशन चिन्हित की गईं। पुलिस ने 303 संदिग्ध सिम कार्ड और 320 मोबाइल आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए। इसके अलावा 240 संदिग्ध म्यूल अकाउंट का सत्यापन कर 32 एफआईआर दर्ज की गईं, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया।

बिना थाने पहुंचे दर्ज हुईं 190 एफआईआर
डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए 190 शिकायतों को ई-जीरो एफआईआर और लिंक एफआईआर के माध्यम से दर्ज किया गया। इससे लोगों को थाने पहुंचे बिना ही शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिली।

अंतर्राज्यीय समन्वय में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
कुमाऊं रेंज ने अन्य राज्यों को भेजे गए 8,120 सहायता अनुरोधों में से 79.79 प्रतिशत का सफल निस्तारण कराया। वहीं अन्य राज्यों से प्राप्त 2,746 अनुरोधों में से 96.94 प्रतिशत का समयबद्ध समाधान किया गया। प्राप्त अनुरोधों के निस्तारण में अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।

राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड हुईं 172 अपराधियों की प्रोफाइल
साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के तहत 172 साइबर अपराधियों की प्रोफाइल राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड की गई। इनमें से 78 आरोपी अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े पाए गए।

साइबर स्लेवरी और बाल सुरक्षा अभियान में भी सफलता
साइबर स्लेवरी अभियान के तहत विदेशों अथवा अन्य स्थानों से लौटे 35 पीड़ितों में से 29 का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की गई। वहीं बाल ऑनलाइन सुरक्षा अभियान के तहत प्राप्त 279 शिकायतों में से 220 का निस्तारण किया गया और 14 मामलों में आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री हटवाई गई।

97 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने लिया साइबर प्रशिक्षण
रेंज के 6,259 पुलिसकर्मियों यानी 97 प्रतिशत कार्मिकों ने साइबर प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया। अब तक 12,170 प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे साइबर अपराधों की जांच में पुलिस की दक्षता बढ़ी है।

3.42 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता अभियान
साइबर जागरूकता अभियान के तहत 1,514 विद्यालयों, महाविद्यालयों और संस्थानों, 1,349 जागरूकता शिविरों, 3,253 सार्वजनिक स्थानों और 8,588 वरिष्ठ नागरिकों तक सीधे पहुंच बनाई गई। इसके अलावा 7,787 जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियानों को लगभग 3.42 करोड़ व्यूज मिले।

भविष्य में और मजबूत होगी डिजिटल पुलिसिंग
आईजी निवेदिता कुकरेती ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस और साइबर पोर्टलों पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत एवं प्रकरण का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सीआईएआर प्रणाली के तहत अन्य राज्यों से प्राप्त लगभग 97 प्रतिशत अनुरोधों के समयबद्ध निस्तारण को कुमाऊं रेंज की बड़ी उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम की सराहना की और भविष्य में भी तकनीक आधारित, पारदर्शी एवं जनोन्मुख पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

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