- हल्द्वानी में निजी बसों की अवैध पार्किंग पर भड़के एसएसपी, क्राइम मीटिंग में टीआई और सीपीयू प्रभारी को फटकारा
DDC : हल्द्वानी में निजी बसों की अवैध पार्किंग और बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी मंगलवार को पुलिस अधिकारियों पर जमकर बरसे। क्राइम मीटिंग में उन्होंने कोतवाल हल्द्वानी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई), सीपीयू प्रभारी और संबंधित चौकी प्रभारियों को सीधे कटघरे में खड़ा किया। ठंडी सड़क पर शहीद पार्क के सामने निजी बसों की बढ़ती संख्या और सड़क घेरकर खड़े वाहनों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, “तुम्हें शर्म नहीं आती होगी, लेकिन मुझे आती है।” एसएसपी ने समस्या के समाधान के लिए तीन दिन की मोहलत देते हुए स्पष्ट किया कि वीकेंड से पहले व्यवस्था नहीं सुधरी तो संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
कोतवाली हल्द्वानी के मीटिंग हॉल में हुई बैठक में एसएसपी ने सवाल उठाया कि ठंडी सड़क पर शहीद पार्क के सामने पहले केवल दो बसें खड़ी होती थीं, लेकिन अब वहां दर्जनों निजी बसों की पार्किंग कैसे होने लगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि आखिर किसके इशारे पर सड़क पर बसों का जमावड़ा लग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी या तो जानबूझकर अनजान बने हुए हैं या फिर पार्किंग के नाम पर अपने हित साध रहे हैं।
एसएसपी ने निर्देश दिए कि तिकोनिया से शहर की ओर भारी वाहनों की आवाजाही नहीं होनी चाहिए। इस प्रतिबंध से सिडकुल की बसों को छूट रहेगी। मंडी चौकी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर खड़ी निजी बसों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि बसों के कारण मोटरसाइकिल तक निकलने की जगह नहीं बचती, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
क्या ट्रैफिक की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी और जगदीश की है?
यातायात व्यवस्था को लेकर एसएसपी ने टीआई से पूछा कि क्या ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी और एसी ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र की है। उन्होंने कहा कि टीआई होने के नाते उन्हें निर्देश एक बार में समझ आने चाहिए, लेकिन एक ही बात तीन-तीन बार बतानी पड़ती है।
एसएसपी ने वीकेंड पर आम जनता के वाहनों पर लगाई जाने वाली पाबंदियों का हवाला देते हुए कहा कि दूसरी ओर शहर में डबल डेकर बसें जगह-जगह घुसकर सवारियां उतारती और बैठाती हैं। उन्होंने अपने कार्यालय के बाहर विपरीत दिशा में खड़ी होने वाली बसों का भी जिक्र किया और इस व्यवस्था पर सवाल उठाए।
लंबित विवेचनाओं पर भी कसेगा शिकंजा
क्राइम मीटिंग में एसएसपी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने वाले विवेचकों को भी चेताया। उन्होंने कहा कि विवेचनाएं अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले पुलिसकर्मी उनके रडार पर हैं। ऐसे मामलों की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। यह भी तय किया जाएगा कि लापरवाही करने वाले विवेचकों को भविष्य में कोतवाली, थाने या चौकी की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए या नहीं।
त्योहारों पर सुरक्षा, नशे में ड्यूटी करने वालों की जांच
धनतेरस, दीपावली और भैया दूज को देखते हुए एसएसपी ने बाजारों, पटाखा बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित गश्त और पिकेट ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की एल्कोमीटर से जांच कराई जाएगी।
विधानसभा सत्र की सुरक्षा के मद्देनजर अराजक तत्वों पर नजर रखने और नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों की जांच कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान 33 पुलिसकर्मियों को बेस्ट एम्प्लॉई ऑफ द मंथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


