– फोन पर गाली-गलौज और परिवार को धमकाने की भी शिकायत, सीसीटीएनएस कार्यालय में 18 मिनट तक रोकने का आरोप; कांस्टेबल निलंबित
DDC : नैनीताल जिले में पुलिस विभाग के भीतर महिला दरोगा के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और पिस्तौल तानकर धमकाने का मामला सामने आया है। राजपुरा पुलिस चौकी प्रभारी आरती सचदेवा ने एसओजी में तैनात कांस्टेबल अनिल गिरी पर फोन पर गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और ड्यूटी के दौरान मारपीट कर पिस्तौल तानने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया है। मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है।
एसपी सिटी हरबंस सिंह के अनुसार, महिला दरोगा ने शिकायत में आरोप लगाया कि 10 अक्तूबर को कांस्टेबल अनिल गिरी ने उन्हें फोन कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कांस्टेबल काशीपुर स्थित उनके घर भी पहुंचा और उनके पति व बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
शिकायत के मुताबिक, परीक्षा ड्यूटी के सिलसिले में हल्द्वानी पुलिस स्टेशन पहुंचने पर कांस्टेबल ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की और सिर पर पिस्तौल तान दी। महिला दरोगा का आरोप है कि कांस्टेबल ने उन्हें घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषकर एसएसपी को देने से रोकने के लिए भी धमकाया।
सीसीटीएनएस कार्यालय में भी धमकाने का आरोप
महिला दरोगा ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सीसीटीएनएस कार्यालय में शरण ली। उस समय कार्यालय में दो अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। शिकायत के अनुसार, कांस्टेबल वहां भी पहुंच गया और उन्हें धमकाने लगा। इस दौरान मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। मौके पर मौजूद दोनों पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली।
सीसीटीवी कैमरों पर नजर पड़ने के बाद मांगी माफी
शिकायत में महिला दरोगा ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरों पर ध्यान जाने के बाद कांस्टेबल शांत हो गया और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांस्टेबल ने उन्हें करीब 17 से 18 मिनट तक सीसीटीएनएस कार्यालय में रोके रखा, ताकि वह बाहर जाकर अधिकारियों को घटना की जानकारी न दे सकें। इस घटनाक्रम को लेकर सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचने का आरोप भी लगाया गया है।
कांस्टेबल निलंबित, सीओ करेंगे जांच
एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि महिला दरोगा की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है।


