शराब के साथ जहर पीकर बच गया, दूध पीकर चली गई जान

लेट कर दूध पीने से गई जान।

. छह दिन पहले पीया था जहर, पूरी तरह हो गया था ठीक, अस्पताल के बेड पर लेटे-लेटे पीया दूध फंस गया श्वांस नली में

DDC : सुनने में अजीब है, लेकिन पूरी तरह सच। एक व्यक्ति ने करीब छह दिन पहले किसी बात से परेशान होकर जमकर शराब पी। शराब के साथ ही उसने जहर भी पी लिया। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने किसी सूरत उसकी जान बचा ली। जहर पीकर भी युवक की जान बच गई, लेकिन गलत तरीके से पीये गए दूध ने उसकी जान ले ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी करीब 30 वर्षीय युवक हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में रहकर खेती-बाड़ी करता था। जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर को किसी बात से परेशान होकर उसने शराब पीने के साथ विषैला पदार्थ भी पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) लेकर पहुंचे। उसकी स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन की मदद से सांस देने के साथ उपचार शुरू किया।

आईसीयू से बाहर आया, ऑक्सीजन भी हट गई

चिकित्सकों ने करीब चार दिन तक उसका उपचार किया। धीरे-धीरे हालत में सुधार होने पर उसे आईसीयू से बाहर कर दिया गया और ऑक्सीजन भी हटा दी गई। युवक बातचीत करने की स्थिति में आया तो उसने शराब के साथ विषैला पदार्थ पीने की जानकारी दी। इसके बाद भी उसका उपचार जारी था। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति में सुधार को देखते हुए खाने-पीने की अनुमति दे दी थी।

लेटे-लेटे दूध पीना पड़ा भारी

बताया जाता है कि बृहस्पतिवार को युवक अस्पताल के बिस्तर पर लेटा हुआ था और परिजन उसकी देखभाल कर रहे थे। इसी दौरान उसे पीने के लिए दूध दिया गया। आशंका है कि लेटे हुए दूध पीने के कारण तरल पदार्थ सांस की नली में चला गया, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हुई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में शराब के साथ विषैला पदार्थ पीने की बात सामने आई है। मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

लेटे-लेटे खाना-पीना खतरनाक

एसटीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी के अनुसार, भोजन या पेय पदार्थ लेते समय शरीर की स्थिति सही होनी चाहिए। बैठकर आराम से खाना-पीना चाहिए। बिस्तर पर लेटे-लेटे भोजन या तरल पदार्थ लेने से उसके सांस की नली में जाने का खतरा हो सकता है। इसलिए भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

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