– पंचांग और ग्रहण संयोग से दूर हुआ भ्रम; 2021 के बाद 2026 में पहली बार एक दिन मनाया जाएगा रंगोत्सव
After many years, Kumaon will play Holi with the country, DDC : आखिरकार चार साल बाद ही सही, लेकिन इस बार कुमाऊं का पंचांग देश के पंचाग से मिल ही गया। इस बार कुमाऊं समेत पूरे देश में होली (छलड़ी) का पर्व एक ही दिन, 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। बीते कुछ वर्षों से पंचांग गणना और स्थानीय परंपराओं के कारण कुमाऊं और देश के अन्य हिस्सों में होली की तिथियों में एक दिन का अंतर देखने को मिल रहा था, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।
ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय के अनुसार, क्षेत्रीय गणना और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर वर्ष 2021 के बाद अब 2026 में ऐसा संयोग बन रहा है, जब पूरे देश में एक साथ होली मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तिथियों को लेकर कोई संशय नहीं है।
2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी रहेगी।
3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा।
ग्रहण का सूतक काल सुबह 06:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
इन विशेष खगोलीय संयोगों के कारण इस बार होली की तिथि स्पष्ट रूप से निर्धारित हो गई है और पूरे देश में 4 मार्च को ही रंगों का पर्व मनाया जाएगा।
📅 पिछले वर्षों में अलग-अलग तिथियां
पिछले चार वर्षों में कुमाऊं और देश के अन्य हिस्सों में होली अलग-अलग दिन मनाई गई—
वर्ष कुमाऊं में होली देश के अन्य हिस्सों में
2025 15 मार्च 14 मार्च
2024 26 मार्च 24 मार्च
2023 8 मार्च 7 मार्च
2022 19 मार्च 18 मार्च
लगातार अलग-अलग तिथियों के कारण सामाजिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों में भी समन्वय की दिक्कतें सामने आती रही थीं।
🌈 क्यों खास है इस बार की होली?
* चार साल बाद एकसाथ रंगोत्सव
* पंचांग और ग्रहण का विशेष संयोग
* सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में एकरूपता
* भ्रम की स्थिति समाप्त


