– 5500 से अधिक का सत्यापन, धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी डॉक्टर और साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई
Operation Kalanemi, DDC : पुलिस ने “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अब तक राज्यभर में 5500 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन किया गया है, 14 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और 1182 निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने बताया, यह अभियान उन लोगों के खिलाफ है जो फर्जी पहचान बनाकर समाज में घुलमिलकर धर्मांतरण, ठगी, धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियां कर रहे हैं। जिलों में चलाए गए सत्यापन अभियान में हरिद्वार और देहरादून सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पाए गए, जहां पुलिस ने क्रमशः 2704 और 922 लोगों की जांच और गिरफ्तारियां कीं। टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और अन्य जिलों में भी लगातार निगरानी अभियान जारी है।
फर्जी डॉक्टर की गिरफ्तारी
देहरादून के सेलाकुई में बांग्लादेशी नागरिक ने फर्जी नाम से बंगाली डॉक्टर बनकर क्लिनिक चलाया। आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज भी जाली पाए गए। उसे विदेशी अधिनियम और अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया।
धर्म छिपाकर बिछाया प्रेम जाल
इफराज अहमद नामक आरोपी ने खुद को अमीर बताकर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाया। पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसे दोबारा हिरासत में लिया।
धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़
सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदू युवतियों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। अब्दुल रहमान सहित कई आरोपियों के खिलाफ उत्तराखण्ड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।
फर्जी आईएएस बनकर ठगी
टिहरी में एक व्यक्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर नक्शा पास कराने के नाम पर 2.55 लाख की साइबर ठगी की। तकनीकी माध्यम से आरोपी को पकड़ा गया।
फर्जी साधु व बहरुपियों का खुलासा
सहसपुर में साधु वेश में घूम रहे बांग्लादेशी नागरिक और अन्य जिलों में शिव, बाबा आदि बनकर महिलाओं को छलने वाले अपराधियों को पकड़ा गया। उनके खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
कलियर उर्स में बांग्लादेशी घुसपैठ
हरिद्वार के पिरान कलियर उर्स में अवैध रूप से प्रवेश कर चुके बांग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित कर डिटेंशन सेंटर भेजा गया।


