– परिजनों ने होटल मालिक से की हाथापाई, पुलिस को घेरा, पुलिस बमुश्किल होटल मालिक को बचाया
Hotel receptionist dies in Bhawali, DDC : नैनीताल जिले के भवाली स्थित एक होटल में काम करने वाले परिवार के इकलौते बेटे की मौत हो गई। होटल में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाला युवक बिजली के पोल पर चढ़ा था। उसे करंट लगा और जमीन पर गिर गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अगली सुबह पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा हो गया। पूर्व दर्जा मंत्री हरीश पनेरू के साथ ग्रामीणों ने होटल मालिक को घेर कर हाथापाई कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने उन्हें भी घेर लिया। बमुश्किल डरा-धमका कर पुलिस होटल मालिक को भीड़ के चंगुल से छुड़ा कर थाने लेकर पहुंची।
ग्रामसभा अमिया के सिरुवा निवासी रोहित पांडे (21 वर्ष) पुत्र जीवन चंद्र पांडे यहां परिवार के साथ रहता है। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें भी हैं। परिजनों के मुताबिक तीन माह पहले रोहित ने भवाली स्थित एक होटल में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम शुरू किया था। आरोप है कि रविवार रात होटल प्रबंधन ने बिजली चोरी के इरादे से रोहित को कटिया डालने के लिए बिजली के पोल पर चढ़ा दिया। बिजली के पोल पर चढ़ा रोहित करंट की चपेट में आ गया और झटका लगते ही वह जमीन पर नीचे आ गिरा।
रात ही उसे डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन बुरी तरह झुलस चुके रोहित की मौत हो गई। सोमवार सुबह शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। जानकारी पर रोहित के परिजनों के साथ गांव के तमाम लोग और पूर्व दर्जा मंत्री हरीश पनेरू मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम में देरी हुई तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच उस होटल का मालिक भी मौके पर पहुंच गया, जहां रोहित काम करता था। होटल मालिक को देखते ही लोगों ने आपा खो दिया। लोगों की होटल मालिक के साथ तीखी नोकझोंक होने लगी। हंगामे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक लोग होटल मालिक से हाथा-पाई करने लगे। पुलिस ने बमुश्किल होटल मालिक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और सरकारी गाड़ी में बैठा लिया। जिसके बाद लोगों ने पुलिस और उनकी गाड़ी को घेर लिया।
लोगों का आक्रोश देख पुलिस को भी रौद्र रूप दिखाना पड़ा। एसएसआई रोहताश सागर ने लोगों को मुकदमे का डर दिखाया, जिसके बाद लोग पीछे हटे और पुलिस होटल मालिक को लेकर कोतवाली पहुंची। पूर्व दर्जा मंत्री ने कहना कि रोहित को जबरन पोल पर चढ़ा कर उसकी जान ले ली गई।
रोहित की मां जानकी देवी ने आरोप लगाया कि सुबह साढ़े चार बजे बेटे के शव को मॉर्चरी भेज दिया गया, लेकिन दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से पोस्टमार्टम में देरी हुई। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि परिजनों को समझाबुझा कर शांत करा दिया गया। पोस्टमोर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
इकलौते बेटे की मौत का मांगा 25 लाख मुआवजा
रोहित की मौत को लेकर परिजनों में जबरदस्त आक्रोश था। भीड़ के बीच मौजूद हरीश पनेरू का कहना था कि परिवार में रोहित ही इकलौता कमाने वाला था। भविष्य में दो बहनों की शादी और उसके बाद माता-पिता की देखरेख का जिम्मा भी रोहित पर था। परिवार ने बड़ी मेहनत से रोहित को पाल-पोश कर बड़ा किया, लेकिन रोहित की मौत के साथ परिवार की आस भी खत्म हो गई। उन्होंने मांग की कि परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।


