रडार पर दरम्वाल गैंग, एक-एक की होगी पेशी

– नितिन लोहनी की हत्या में हत्यारोपी के मुंह से निकला था दरम्वाल गैंग का नाम, अब होगी पूछताछ

Darwal gang on the radar, DDC : नितिन लोहनी हत्याकांड में हत्यारोपी पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू के मुंह से दरम्वाल गैंग का नाम निकला था। ये दरम्वाल गैंग अब पुलिस की रडार पर है। पुलिस अब गैंग की कुंडली खंगाल रही है। कुछ लोगों के नाम भी पुलिस को मिले हैं, जिसमें गैंग के सरगना का नाम भी बताया जा रहा है। पुलिस अब सरगना समेत गैंग से जुड़े कई लोगों से पूछताछ करने वाली है।

4 जनवरी की तकरीबन आधी रात जज फार्म निवासी नितिन लोहनी को पार्षद अमित बिष्ट ने अपने मानपुर उत्तर वार्ड नंबर 56 स्थित घर के बाहर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना से पहले नितिन के साथ मौजूद कमल भंडारी ने पार्षद के घर की घंटी बजाई थी। पार्षद अमित अपने 19 वर्षीय बेटे जय के साथ बालकनी पर आया और बोला, दरम्वाल गैंग से हो। इतना कहते ही पार्षद के अपनी लाइसेंसी डबल बैरल पौनिया (शॉट गन) से कमल पर फायर झोंक दिया। दोनों भागे और पार्षद ने पीछा कर नितिन को गोलियों से भून डाला।

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या से कुछ दिन पहले दरम्वाल गैंग के कुछ लोग पार्षद अमित बिष्ट के होटल पहुंचे थे। होटल में पार्षद के बेटे जय का गैंग के लोगों से विवाद हो गया। गैंग के एक सदस्य का सिर फट गया था। जिसके बाद गैंग ने जय और उसके पिता अमित को जान से मार डालने की धमकी दी थी। पुलिस अब इस गैंग की तस्दीक में जुटी है। पुलिस यह पता कर रही है कि इस घटनाक्रम के तार कथित दरम्वाल गैंग से कैसे जुड़े हैं। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि जो भी गैंग है, इस हत्याकांड को लेकर उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

जय की विदेशी पिस्टल से चली गोली, बताएगी एफएसएल रिपोर्ट
नितिन की हत्या में पार्षद अमित ने अपनी लाइसेंसी पौनिया से फायर झोंके थे, जिसके छर्रों से नितिन का जिस्म छलनी हुआ था। कहानी में तब नया मोड़ आया, जब पुलिस ने यह बताया कि पिता के साथ जय भी पिता की लाइसेंसी पिस्टल लेकर नितिन और कमल के पीछे दौड़ा था। संभव है कि जय ने भी विदेशी पिस्टल से फायर झोंके हों। इसके अलावा षड्यंत्र के तहत हत्यारोपी ने अपने घर भी फायर झोंक कर यह साबित करने का प्रयास किया कि पहले हमला उनपर हुआ और उन्होंने जवाबी फायरिंग की।

हत्यारोपी ने जिस फायर की बात की, वो हत्यारोपी के घर की मुख्य खिड़की की चौखट पर लगी। इस गोली का निशान देख कर माना जा रहा है कि यह फायर पिस्टल से किया गया होगा। क्योंकि अगर पौनिया से गोली चलती तो खिड़की पर निशान सिर्फ एक स्थान पर नहीं होगा। बल्कि नितिन की पीठ की तरह पूरी खिड़की में छर्रों के निशान होते। इन सभी सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने बरामद दोनों असलहों और खोखों को जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजने की बात कही है।

सुबूतों की कड़ी न जुड़ी तो क्राइम सीन री-क्रिएट कराएगी पुलिस
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि उनके पास हत्यारोपी अमित और उसके बेटे जय के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी है और इसके अलावा इलेक्ट्रानिक और वैज्ञानिक साक्ष्य भी हैं। अभी तक की जांच में मिले सुबूत एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन यह जांच आगे जाकर मेल नहीं खाती या कुछ विरोधाभास होता है तो फिर अमित और और उसके बेटे की न्यायालय से रिमांड मांगी जाएगी। जिसके बाद घटना स्थल पर क्राइम सीन को री-क्रिएट कराया जाएगा। एसपी का यह भी कहना है कि आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर भी निकाली गई है। घटना के दिन और घटना से पहले आरोपियों की किस-किस से और क्या-क्या बात हुई थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top