. पूर्व विधायक नारायण पाल समेत टीम मालिकों से करोड़ों बंटोरे, फिर पार्टनर की मौत की बता कर रद किया आयोजन
EVCL T20 Cricket League, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स, गौलापार में 3 फरवरी से ईवीसीएल (एपिक विक्टरी क्रिकेट लीग) टी-20 क्रिकेट लीग कराने वाला था। क्रिकेट हो पाता इससे पहले ही आयोजक खेल कर गए और चौको-छक्कों के इंतजार में बैठे टीम के मालिक मैच से पहले ही क्लीन बोल्ड हो गए। मैच के आयोजक पर पूर्व विधायक नारायण पाल और टीम के खरीदार ने लाखों रुपए की जालसाजी का आरोप लगाया है। दोनों गुरुवार को एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी से मिले और तहरीर सौंपी। आयोजक अचानक लीग रद कर भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे होटल से धर-दबोचा।
लीग शुरू होने से पहले बदलने लगीं तारीखें
टी-20 क्रिकेट लीग को पहले एक फरवरी से शुरू होना था, लेकिन कुछ अड़ंगा लगा और आयोजक ने तारीख बदल कर 3 फरवरी कर दी। 3 फरवरी आने से पहले ही अचानक हरियाणा के आयोजक ने यह कहते हुए लीग रद कर दी कि उसके मुख्य आयोजक की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। इस लीग में कुल छह टीमें खेलने वाली थीं। उत्तराखंड सोल्जर्स के नाम से बनी टीम सितारगंज के पूर्व विधायक अंबिका विहार हल्द्वानी निवासी नारायण पाल ने खरीदी थी। जबकि यूपी वॉरियर्स की टीम को हरियाणा के शहीद पार्क झज्जर निवासी हेमंत शर्मा पुत्र रमेश चंद्र शर्मा ने खरीदी थी।
पूर्व विधायक से 9 और हेमंत से 23 लाख ठगी का आरोप
गुरुवार की दोपहर दोनों टीमों मालिक एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी के पास पहुंचे और अपने साथ ही हुई ठगी के बारे में बताया। लिखित तहरीर में पूर्व विधायक ने 9 लाख और हेमंत ने 23 लाख रुपए ठगने का आरोप लगाया है। वहीं हेमंत का कहना है कि इस लीग में कुल छह टीमें खेलने वाली थीं। उन्हें ऐन वक्त पर पता लगा कि आयोजन रद हो गया है।
जिसकी मौत पर रद हुआ लीग, वो बंग्लुरू का
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिस मुख्य आयोजक की मौत का दावा किया जा रहा है, वह बंग्लुरू का रहने वाला है। बंग्लुरू पुलिस से उसकी मौत की तस्दीक की जा रही है। एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने पीड़ितों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है। साथ ही टीम खरीदने वाले अन्य मालिकों से अपील की है कि यदि उनके साथ भी ठगी हुई है तो वह भी तहरीर दे सकते हैं।
ऐसा कौन मरा, जिसके लिए रद कर दिया आयोजन
देश में ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिकों की अचानक मौत हो गई। बावजूद इसके कंपनी में छुट्टी घोषित नहीं की गई। ताजा उदाहरण रतन टाटा है। रतन टाटा की मौत पर भी कंपनी में एक दिन का भी अवकाश घोषित नहीं किया गया। अब यही बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है कि आखिर वो कौन व्यक्ति था, जिसकी मौत पर पूरा का पूरा क्रिकेट आयोजन ही रद कर दिया गया। जबकि इस लीग में करोड़ों रुपए का इंवेस्टमेंट किया गया था।
रातों-रात निकले प्रवीण, साथ ले गए सपाई दोस्त की कार
भारत के लिए 65 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल चुके स्विंग के बेताज बादशाह प्रवीण कुमार भी क्रिकेट खेलने हल्द्वानी पहुंचे थे। वह उत्तराखंड टीम में शामिल किए गए थे। प्रवीण शहर के चिरपरिचित सपा नेता के करीबी हैं। 3 तारीख को प्रवीण का मैच था, लेकिन वह 2 तारीख को ही अचानक शहर से चले गए। जाने से पहले वह अपने सपाई दोस्त से मिले, उनकी कार ली और इसी कार से वह निकल गए। प्रवीण आयोजक के मैच रद करने के प्लान से पहले क्यों गए, यह भी पुलिस जांच के दायरे में है।
इरफान पठान को पता ही नहीं कि उनका मैच है हल्द्वानी में
पूरे मामले में एक और मजेदार बात सामने आई है। एसएसपी से बातचीत के दौरान हेमंत ने कहाकि गोवा में भी एक क्रिकेट लीग चल रही थी, जिसमें उन्होंने भी एक टीम खरीदी थी। इस मैच के दौरान उनकी मुलाकात इरफान पठान से हुई। चूंकि आयोजक ने दावा किया था कि इरफान पठान भी हल्द्वानी में मैच खेलेंगे तो हेमंत ने इरफान से पूछ लिया कि पाजी आप कब जा रहे हो हल्द्वानी। हल्द्वानी का नाम सुनते ही इरफान चौंक गए और पूछा कि वह क्यों जाएंगे हल्द्वानी। जब हेमंत ने टी-20 क्रिकेट लीग के बारे में बताया तो इरफान बोले कि उन्हें इसके बारे में पता ही नहीं है।


