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एके-47 की बुलेट : आर्म्स डीलर से जुड़े हैं दुष्कर्मी मास्टर मोबिन खान के तार!

. बनभूलपुरा से गिरफ्तार मोबिन की सीडीआर निकलवाने की तैयारी में पुलिस

AK-47 cartridge recovered from Mobin Khan of Banbhulpura, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बनभूलपुरा क्षेत्र के गौजाजाली इलाके से गिरफ्तार पूर्व शिक्षक मोबिन खान के घर से बरामद हथियारों और कथित तौर पर एके-47 के कारतूस मिलने के बाद पुलिस जांच ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। शुरुआती पूछताछ के बाद अब जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं आरोपी के तार किसी अवैध आर्म्स नेटवर्क या हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला अब केवल अवैध तमंचे रखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जानना ज्यादा अहम हो गया है कि प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले हथियार का कारतूस आखिर आरोपी तक पहुंचा कैसे। इसी कड़ी में आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले एक वर्ष के कॉल डेटा, लोकेशन हिस्ट्री और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी।

मोबाइल बना जांच का सबसे अहम सूत्र
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन को तकनीकी विश्लेषण के लिए भेजा जा रहा है। कॉल डिटेल के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि किन नंबरों से उसकी लगातार और लंबी बातचीत होती रही है। विशेष रूप से 15 से 20 ऐसे नंबर चिन्हित किए जाएंगे, जिनसे सबसे अधिक संपर्क हुआ।

पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं आरोपी ने इंटरनेट कॉलिंग, एन्क्रिप्टेड चैट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तो नहीं किया। व्हाट्सऐप कॉलिंग, चैट बैकअप, डिलीटेड मैसेज रिकवरी और अन्य डिजिटल ट्रेल की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को भी सक्रिय किया गया है।

आपराधिक पृष्ठभूमि ने बढ़ाई शंका
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोबिन खान का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। वह पूर्व में दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका है और बाद में शिक्षा विभाग से बर्खास्त भी किया गया था। ऐसे में उसके पास अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस मिलना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

अधिकारियों का कहना है कि उसकी गतिविधियों की पुराने मामलों से भी तुलना की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं रहा। यदि उसके संपर्क संदिग्ध आर्म्स डीलरों से जुड़े पाए जाते हैं तो जांच का दायरा अन्य जिलों और राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है।

बरामदगी ने खड़े किए कई सवाल
सोमवार को पुलिस ने उसके घर से दो देसी तमंचे और कारतूसों का जखीरा बरामद किया था। सबसे चौंकाने वाली बरामदगी एके-47 से संबंधित कारतूस का होना बताया जा रहा है। आम तौर पर ऐसे कारतूस सैन्य या विशेष सुरक्षा बलों के उपयोग में आते हैं, इसलिए इनके अवैध बाजार में पहुंचने की संभावना को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं।

फॉरेंसिक जांच के लिए बरामद कारतूस और हथियार भेजे जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किस श्रेणी के हैं, किस कंपनी या बैच से संबंधित हो सकते हैं और क्या पहले किसी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल हुए हैं।

संभावित सप्लाई चेन की तलाश
जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई किस माध्यम से हुई। क्या यह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवैध हथियार बाजार से लिया गया या किसी बाहरी नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया? पुलिस आस-पास के जिलों में सक्रिय संदिग्ध हथियार तस्करों की सूची भी खंगाल रही है।

यदि सीडीआर में किसी कुख्यात आर्म्स सप्लायर या आपराधिक गिरोह से संपर्क के संकेत मिलते हैं तो जल्द ही अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार कुछ नंबर ऐसे सामने आए हैं, जिनकी गतिविधियां पहले भी पुलिस की निगरानी में रही हैं।

वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की भी जांच कर सकती है। यह देखा जाएगा कि कहीं हाल के महीनों में किसी संदिग्ध खाते में लेनदेन तो नहीं हुआ। डिजिटल पेमेंट ऐप्स, यूपीआई और नकद निकासी के पैटर्न की भी पड़ताल की जाएगी।

जांच अधिकारियों का मानना है कि हथियारों की खरीद-फरोख्त में अक्सर डिजिटल ट्रेल छिपा होता है, जिसे तकनीकी जांच के जरिए उजागर किया जा सकता है।

स्थानीय नेटवर्क या बड़ा गठजोड़?
मामले ने स्थानीय स्तर पर भी सनसनी फैला दी है। बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है कि आरोपी के घर कौन-कौन आता-जाता था। सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है, लेकिन सभी संभावित एंगल—चाहे वह स्थानीय अवैध हथियार बाजार हो या किसी बड़े नेटवर्क से कनेक्शन—को गंभीरता से परखा जा रहा है।

आगे क्या?
आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके। पुलिस का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य और कॉल रिकॉर्ड कई अहम राज खोल सकते हैं।

यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को उजागर करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकता है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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