– हल्द्वानी में गोल्ड लोन घोटाला — ऑडिट में खुलासा, फर्जी वैल्यूएशन रिपोर्ट से बैंक को लगाया चूना
📰 HaldwanI gold loan fraud, DDC : उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बैंक ऑफ बड़ौदा की नवीन मंडी शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक ने तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। आरोप है कि आरोपियों ने ज्वेलर के साथ मिलीभगत कर नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का लोन हासिल किया।
बैंक के चीफ मैनेजर संजीव कुमार की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी आसमा (पत्नी शाहरूख, इन्द्रा नगर) ने वर्ष 2022 में गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया था। बैंक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोने की जांच कराई गई, जिसकी वैल्यूएशन रिपोर्ट ज्वेलर राजेश कुमार वर्मा (प्रोपराइटर, शांति ज्वेलर्स) ने तैयार की। इसी आधार पर बैंक ने करीब ₹1.45 लाख का लोन स्वीकृत कर दिया।
इसी तरह नाजरा (पत्नी खलील, उजाला नगर) ने भी वर्ष 2022 में गोल्ड लोन लिया, जिसमें करीब ₹1.40 लाख की राशि जारी की गई। दोनों मामलों में आरोपी लोन की किश्तें नहीं चुकाते रहे, जिसके बाद खातों को 29 दिसंबर 2022 को एनपीए घोषित कर दिया गया और 20 फरवरी 2023 को रिकॉल नोटिस जारी किया गया।
बैंक के नियमित ऑडिट के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दोनों खातों में गिरवी रखा गया सोना नकली था। बैंक का आरोप है कि दोनों महिलाओं ने ज्वेलर राजेश कुमार वर्मा के साथ मिलकर साजिश रची और फर्जी वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार कर बैंक से धोखाधड़ी की।
तहरीर में कहा गया है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसमें बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। बैंक ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल विजय कुमार मेहता ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
📊 मुख्य बिंदु
- 2022 में लिए गए थे दोनों गोल्ड लोन
- कुल करीब ₹2.85 लाख का मामला
- ऑडिट में सामने आया नकली सोना
- ज्वेलर पर फर्जी वैल्यूएशन का आरोप
- पुलिस में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया

