पानी के टैंक में उतरे दो जवान बेटों और बूढ़ी मां की मौत

पानी के टैंक में मां और दो बेटों की मौत।

. चोरगलिया थानाक्षेत्र के मानपुर गांव में एक साथ तीन मौतों छाया से मातम, घर में बच्चों संग बची सिर्फ दो महिलाएं

Mother and Two Sons Die Inside Water Tank, DDC : चोरगालिया थानाक्षेत्र के मानपुर से 21 जुलाई, मंगलवार शाम दिल दहला देने वाली खबर आई। यहां नवनिर्मित पानी के टैंक में एक के बाद एक उतरे दो सगे भाइयो की मौत हो गईं। उन्हें देखने पीछे से टैंक में उतरी मां की भी मौत हो गईं। टैंक में सबसे पहले मृतका का बेटा टैंक की शटरिंग खोलने के उतरा था। पुलिस सभी को एसटीएच लेकर पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बुधवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए।

मानपुर, गौलापार, थाना चोरगालिया निवासी सरस्वती (61 वर्ष) पत्नी स्व भीम सिंह बिष्ट यहां अपने बेटे धर्मेंद्र बिष्ट (38 वर्ष), खुशहाल बिष्ट (34), दो बहुओं व नातियों के साथ रहती थी। बताया जाता है कि हाल ही में घर के बाहर करीब सात से आठ फीट गहरा पानी का टैंक बनवाया गया था, जिसकी शटरिंग अभी खुली नहीं थी। शाम करीब 6 बजे टैंक की सफाई के लिए धर्मेंद्र नीचे उतरा और फिर बाहर नहीं आया।

बताया जाता है कि छोटे भाई खुशाल को लगा कि शटरिंग का एक हिस्सा गिर गया और संभवत: उससे बड़े भाई को चोट लग गई। यह सोच कर वह भी टंकी में उतर गया, लेकिन फिर बाहर नहीं निकला। काफी वक्त गुजरा तो मां सरस्वती ने कई आवाज लगाई, लेकिन जब टंकी के अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो वो भी बेटों को देखने टंकी में उतर गईं और वो भी बाहर नहीं आ पाई।

मां-बेटों के टंकी से न निकलने की बात गांव में फैली तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष तारा सिंह राणा टीम के साथ मौके पर पहुँच गए। ग्रामीणों की मदद से सभी को टैंक से निकाल कर डॉक्टर सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सम्भवतः टैंक में जहरीली गैस बन गईं थी, जिसकी वजह से मौत हुई। हालांकि मौत की असल वजह पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी।

बिष्ट परिवार मूलरूप से नैनीताल जिले के ओखलकांडा स्थित कौंता गांव का रहने है। बड़ा बेटा धर्मेंद्र प्लंबर और छोटा खुशाल सिडकुल स्थित एक प्राइवेट कंपनी में बतौर इलेक्ट्रीशियन काम करता था। सरस्वती के पति भीम सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

टनकपुर में टैंक में दम घुटने से मर गए थे दो लोग
हल्द्वानी : ठीक ऐसा ही हादसा टनकपुर में पिछले वर्ष हुआ था। बताया जाता है कि टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक था। टैंक की शटरिंग खोल कर उसमें घुसे साइट इंजीनियर और कारपेंटर की मौत हो गई थी। इसकी वजह में टैंक में जमा जहरीली गैस को बताया गया था।

छह माह की गर्भवती है खुशाल की पत्नी
हल्द्वानी : परिवार में कुछ माह बाद एक बार फिर से खुशियां दस्तक देने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही हादसे ने ग्रहण लगा दिया। बताया जाता है कि हादसे में मारे गए खुशाल की पत्नी छह माह की गर्भवती है। उसका एक बच्चा भी है और तीन माह बाद उसका दूसरा बच्चा होने वाला है। जबकि खुशाल के बड़े भाई धर्मेंद्र का एक बेटा और एक बेटी है।

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