– अचानक गनर बदलने से भड़के विधायक समित हृदयेश ने एसएसपी और राज्य सरकार को घेरा
Dispute between MLA Sumit and SSP Prahlad, DDC : नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाद कांग्रेस और पुलिस के बीच चल रही रार एक बार उजागर हो गई। शनिवार को अचानक ही विधायक सुमित हृदयेश का गनर बदल दिया और इसके बाद विधायक के तेवर बेहद तल्ख हो गए। विधायक ने जोरदार तरीके से यह कह दिया कि एसएसपी, राज्य सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। वह एक राजनीतिक कप्तान हैं और अब वह गांधीवादी तरीके से न सिर्फ इसका जवाब देंगे, बल्कि जीतेंगे भी।
गनर हटाने से आगबबूला विधायक सुमित हृदयेश ने कहा, कप्तान साहब ने साबित कर दिया है कि वो राजनीतिक कप्तान हैं। पूरी भारतीय जनता पार्टी की द्वेष भावना से हमारे प्रति काम कर रहे हैं। मेरा गनर है, अगर मैं कोई शिकायत करता, मुझे लगती कोई कमी तब उसे हटाते। जानबूझ कर गनर हटाया गया, ताकि इनकी एलआईयू मेरी गाड़ी में बैठ जाए और मेरी गतिविधि को ये मॉनिटर कर सकें।
मुझे कुछ भी हुआ तो कप्तान और राज्य सरकार जिम्मेदार
मैंने इनकी सुरक्षा इनके हवाले कर दी है। अब अगर मेरे पर जरा सी भी आंच आई, मेरे साथ कुछ भी होता है, मेरा रोड एक्सीडेंट हो जाए, मेरे घर के आगे बिजली कड़के, मेरी गाड़ी के आगे सांड आए जाए, इसकी पूरी जिम्मेदारी नैनीताल जिले के कप्तान और राज्य सरकार की होगी। इन्होंने द्वेष भावना के साथ कार्य किया है।
सीओ, एसओ हटा रहे हैं, कप्तान हटाओ
मुझे इनकी नीयत साफ नहीं लग रही है। मेरे पास जो गनर पहले था, उसने मेरी भरपूर सुरक्षा की है, वो मेरे घर के सदस्य के जैसे था। मुझे उस पर भरोसा है। नेता प्रतिपक्ष का गनर उन्होंने सस्पेंड किया है, ये खानापूर्ति कर रहे हैं। सीओ को हटा रहे हैं, एसओ की हटा रहे हैं अरे कप्तान को हटाओ, जिसके लिए चीफ साहब ने न्यायालय में अर्टानी जनरल से कहाकि सरकार से बोलिए कि इनका तबादला करें। आज जो कप्तान ने किया, वो स्तर नहीं था उनका। अब हम इनके खिलाफ गांधीवादी तरीके से काम करेंगे और अंत में जीत हमारी होगी।
हिम्मत है तो बदल दो चीफ साहब का गनर
मैं इनको चैलेंज करता हूं, कोर्ट में जो इनको लताड़ा गया, चीफ साहब ने जो इनकी बोलती बंद की है, तो चीफ साहब का भी गनर बदल दीजिए आप, आपकी इतनी हिम्मत है तो। गलत काम पहले आप करते हो, अपहरण आपकी निगरानी में होती है, विधायकों के साथ, नेता प्रतिपक्ष के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट आपकी निगरानी में होती है और ऊपर से ऐसे तेवर दिखा रहे हैं। दिखाओ तेवर, मुझे इनकी सुरक्षा नहीं चाहिए।
मामले में एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि विधायक के गनर को किसी विभाग के मामले में जांच हेतु बुलाया गया था, जांच बयान लेने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया है। विधायक से अनुरोध है कि पुलिस विभाग के आंतरिक कार्य प्रणाली, अनुशासन व क्रियाकलाप में अनावश्यक अपनी राजनैतिक हस्तक्षेप ना करें यदि उन्हें नैनीताल पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो नैनीताल जिले का गनर छोड़कर अन्य जनपद से गनर लेने हेतु स्वतंत्र हैं।


