– पहाड़ी आर्मी ने खोला मोर्चा, उप जिलाधिकारी को सौंपा सीएम को संबोधित ज्ञापन
Jyoti Mer Murder Case, DDC : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हुए योगा ट्रेनर ज्योति मेर की हत्या को 15 दिन गुजर चुके हैं और हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पहले इस हत्याकांड को पहले सुसाइड मानने वाली पुलिस ने न्याय मांगने वालों को सड़क पर घसीटा, थाने में नजरबंद किया गया। ऐसे ही तमाम आरोपों वाला मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र पहाड़ी आर्मी ने उप जिलाधिकारी को सौंपा और एसएसपी को निलंबित करने की मांग की।
बुधवार को उप जिलाधिकारी हल्द्वानी दफ्तर पहुंचे पहाड़ी आर्मी के महानगर अध्यक्ष फौजी भुवन पाण्डेय ने कहा, 31 जुलाई को योगा ट्रेनर ज्योति मेर की हत्या उसके जेके पुरम स्थित कमरे में हुई, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या मान लिया। 3 दिन बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा हुआ।
बावजूद इसके 15 दिन गुजर जाने के बाद भी हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जब पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ योगा सेंटर के बाहर गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया तो ज्योति की बूढी मां को रोड पर घसीटा गया, पहाड़ी आर्मी के नगर अध्यक्ष, संगठन मंत्री को कोतवाली में बैठा दिया गया और मुकदमे का डर दिखाया गया।
8 अगस्त को पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत परिजनों के साथ एसपी सिटी से मिलने के उनके ऑफिस पहुंचे तो हरीश को कॉलर से घसीट कर कोतवाली में नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोतवाल ने एसएसपी के आदेश पर उन्हें अपराधी की तरह कॉलर पकड़कर घसीटा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह पुलिसिया गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने मांग की है कि तत्काल एसएसपी को निलंबित किया जाए। जिला अध्यक्ष मोहन कांडपाल, प्रेमा मेर और कविता जीना ने कहा, चाहे बनभूलपुरा कांड हो या नैनीताल का उस्मान हो, इन सबमें एसपी असफल नजर आए। आए दिन गुंडागर्दी, गोलीबारी चोरी-डकैती जैसे जघन्य अपराध हो रहे हैं। विरोध करने वालों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष मोहन कांडपाल, जिला महामंत्री राजेंद्र राजेंद्र कांडपाल, सूबेदार मेजर दिनेश जोशी, फौजी कमलेश जेठी, युवा नगर अध्यक्ष विनोद नेगी, दीपा पांडे, गोकुल मेहरा, दीपक चंद गोस्वामी, कैलाश डालाकोठी, पवन सिंह जाला, प्रेमा मेर, हेमा कबडवाल, विनोद भट्ट, गीता, कविता जीना, बबीता जोशी, कंचन रौतेला, मदन लोहिया, भावना, नीमा बिष्ट, मोंटी बोहरा, हरेद्र राणा विजय भंडारी, हेमा आदि थे।
रैली लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे परिजन, सौंपा ज्ञापन
गौलापार में 10 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्याकांड पर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को मृतक के परिजनों ने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के साथ बुद्ध पार्क में धरना दिया और फिर रैली के रूप में एसडीएम कोर्ट पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी करते हुए लोगों ने धरना दिया। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिट्रेट को सौंपा।
जन एकता पार्टी के अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में लगातार तीसरे दिन मृतक अमित के परिजन व क्षेत्र के लोग बुद्ध पार्क में धरने पर बैठे। यहां एकत्रित महिलाओं, मृतक बच्चे के परिजनों व अन्य लोगों ने तिकोनिया से एसडीएम कोर्ट तक आक्रोश रैली निकाली। मृतक के पिता ने कहा कि वह पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं और सीबीआई जांच चाहते हैं। मां और बहन ने कहा कि उनके भाई की हत्या में एक से अधिक लोगों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले को दबाया जा रहा है।
मृतक के पिता ने सीएम को संबोधित ज्ञापन में पुलिस की जांच पर बिंदुवार कई सवाल खड़े किए हैं। आक्रोशित लोगों ने एसडीएम कोर्ट में एक घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद सीबीआई जांच समेत अन्य मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। रैली व ज्ञापन देने वालों में नानक चंद, राहुल मौर्य, अंकित मौर्य, अनिल कुमार सिंह, राजा बाबू, रवि, आर्येंद्र शर्मा, सुशील मौर्य, पूनम देवी, सुनीता देवी, बबली, डॉली, लक्ष्मी, दीक्षा, अनुराधा, उर्मिला मौर्या, पवन कुमार, प्रदीप कश्यप, आरती, शिवानी, जशोदा, पुष्पा, कमला, किशोरी, बीना आदि थे।

