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धनन्जय गिरी पर एक और FIR, बैंक में बंधक संपत्ति बेच डाली

धनन्जय गिरी पर एफआईआर।

– धनन्जय पर संपत्ति बेचकर 47.50 लाख हड़पने का आरोप, बैंक पर भी आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा

FIR against Dhananjay Giri, DDC : राज्य के सबसे विवादित चेहरों में से एक धनन्जय गिरी पर एक और गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि धनन्जय ने बैंक अधिकारियों से के साथ मिलीभगत कर बैंक में बंधक संपत्ति को बेचकर लाखों के वारे-न्यारे कर डाले। धनन्जय ने तो संपत्ति बेचकर लाखों कमाएं, लेकिन जिसकी संपत्ति थी उसे करोड़ों का नुकसान हो गया। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गुरुनानकपुरा हल्द्वानी निवासी लखवीर सिंह चण्डोक ने दो व्यावसायिक दुकानों की खरीद में हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में विक्रेता धनन्जय गिरी और उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, मुखानी शाखा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। लखवीर का आरोप है कि बैंक और धनन्जय की मिलीभगत से उनसे बंधक संपत्ति छिपाई गई, जिससे उन्हें एक करोड़ पैंसठ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

प्रार्थना पत्र के अनुसार प्रार्थी ने वर्ष 2019 में हल्द्वानी में निर्मित कॉम्प्लेक्स के भूतल और प्रथम तल पर स्थित दो दुकानों को कुल 47,50,000 रुपये में धनन्जय गिरी से पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदा था। धनन्जय ने उन्हें आश्वस्त किया था कि संपत्ति पाक-साफ है और किसी भी तरह के बंधक या विवाद से मुक्त है।

हालांकि वर्ष 2023 में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक ने उक्त कॉम्प्लेक्स को बंधक बताते हुए सील कर दिया। लखवीर के अनुसार न तो खतौनी में और न ही उप-निबंधक कार्यालय में बैंक ने किसी भी बंधक का इंद्राज कराया था, जिससे उन्हें यह जानकारी पहले कभी प्राप्त नहीं हो सकी। उनका दावा है कि धनन्जय और बैंक कर्मियों ने जानबूझकर बंधक की जानकारी छिपाई और उनके साथ धोखाधड़ी की।

धनन्जय गिरी ने बाद में लखवीर को यह भरोसा दिया जाता रहा कि बैंक से बातचीत चल रही है और ओटीएस के जरिए मामला निपट जाएगा, लेकिन न तो मामला सुलझा और न ही बैंक की ओर से सील हटाई गई। इसी बीच मार्च 2025 में प्रार्थी को सिविल जज (प्रवर खंड) अदालत से नोटिस मिला कि बैंक ने उनकी दोनों रजिस्ट्री को खारिज कराने के लिए मुकदमा दायर किया है। इससे उन्हें बैंक और धनन्जय गिरी की सांठगांठ का संदेह पुख्ता हुआ।

लखवीर ने कहा, उन्होंने 6 मई 2025 को डाक के माध्यम से थाना हल्द्वानी और उसी दिन एसएसपी नैनीताल को भी रिपोर्ट भेजी, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल अमर चंद्र शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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