. रविवार शाम 5 बजे की घटना, सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ के गोताखोरों ने निकाली लाश
DDC : गौला पुल से नदी में छलांग लगाने वाले नाबालिग का शव एसडीआरएफ के गोताखोरों और बनभूलपुरा पुलिस ने सोमवार सुबह बरामद कर लिया। मृतक की पहचान 17 वर्षीय प्रियांश बिष्ट के रूप में हुई है। प्रियांश रविवार दोपहर घर से निकला था। वो अपनी मां से सिर्फ इस बात से नाराज था कि उन्होंने मांगने पर मोबाइल नहीं दिया। इतनी सी बात पर वह घर से निकला और गौलापुल से नदी में छलांग लगाकर जान दे दी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने प्रियांश का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, हाथीखाल, मोतीनगर, बरेली रोड निवासी गोविंद सिंह बिष्ट पेशे से मोटर मकैनिक हैं। वह यहां अपनी पत्नी, बेटा प्रियांश और बेटी खुशी के साथ रहते हैं। प्रियांश, मोतीनगर इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। रविवार दोपहर करीब तीन बजे प्रियांश को पढ़ाई से संबंधित कुछ सामान दुकान से लेने जाना था। जाने से पहले उसने मां से मोबाइल मांगा। मां ने इंकार कर दिया और कहाकि साइकिल से जाने के बजाय वो स्कूटी लेकर जाए और साथ में बहन को लेकर भी जाए।
मोबाइल न देने से प्रियांश बुरी तरह नाराज हो गया। वह स्कूटी और बहन के बजाय अकेला साइकिल लेकर घर से निकल गया। साइकिल उसने घर से कुछ दूर गोरापड़ाव में खड़ी की और फिर टेंपो से हल्द्वानी-चोरगलिया रोड स्थित गौलापुल पहुंच गया। यहां कुछ पल वह इधर-इधर टहलता रहा और फिर पुल से सीधा नदी में छलांग लगा दी। पुल की रेलिंग पर उसे चढ़ते भी कुछ लोगों ने देखा, शोर भी मचाया, लेकिन तब वह नदी में कूद गया।
आनन-फानन में बनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। निजी गोताखोरों ने तलाश शुरू की। कुछ देर बाद एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंच गई। देर रात प्रियांश की तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हुआ था कि नदी में कूदने वाला प्रियांश ही था। रात ज्यादा देर होने के बाद अगली सुबह जल्दी फिर से तलाश शुरू की गई। कुछ देर की मशक्कत के बाद एसडीआरएफ ने शव को बाहर निकाल लिया।
बनभूलपुरा कोतवाल डीएस फर्त्याल ने बताया कि मृतक की पहचान प्रियांश के रूप में हुई है। मोबाइल न देने की वजह से वह मां से नाराज था और इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके साथ ही बिसरा सुरक्षित किया गया है।

