. शिकायत की भनक लगते ही किशोरी को रातों-रात भेजा मायके भेजा, फेरों के मंत्र पढ़ने वाला पंडित भी फंसा
DDC : चोरगलिया थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह कराने का मामला सामने आया है। शिकायत की भनक लगते ही ससुराल पक्ष के लोगों ने किशोरी को शादी के करीब एक सप्ताह बाद रातों-रात मायके पहुंचा दिया। बाल विकास विभाग की टीम ने जब मामले की जांच शुरू की तो परिजनों ने शादी से इनकार करते हुए इसे केवल सगाई बताया। हालांकि, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की काउंसलिंग में किशोरी ने शादी कराए जाने की बात बताकर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार गौलापार क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय किशोरी की 22 जून को सीतावनी मंदिर में कालाढूंगी क्षेत्र के बेल बसानी निवासी युवक के साथ शादी कराई गई थी। किशोरी के मुताबिक शादी उसकी मर्जी के खिलाफ कराई गई और परिवार वालों ने उस पर विवाह के लिए दबाव बनाया था। शादी के दौरान उसके माता-पिता, दूल्हे का बड़ा भाई और पंडित मौजूद थे।
इधर, बाल विवाह की शिकायत पुलिस और बाल कल्याण समिति तक पहुंचने की भनक लगते ही ससुराल पक्ष ने किशोरी को बेल बसानी से उसके मायके भेज दिया। इसके बाद बाल विकास परियोजना विभाग की टीम ने परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने शादी से इनकार करते हुए केवल सगाई होने की बात कही। संदेह होने पर टीम ने किशोरी से अलग से पूछताछ की, जिसमें उसने शादी की पूरी जानकारी दी।
चोरगलिया थानाध्यक्ष तारा राणा ने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी किरणलता जोशी की तहरीर पर दूल्हा, दूल्हे के बड़े भाई, पंडित और किशोरी के माता-पिता समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। किशोरी की सुरक्षा को देखते हुए सीडब्ल्यूसी की पहल पर उसे अग्रिम आदेश तक नारी निकेतन, हल्द्वानी भेजा गया है।

