– कॉल कर बोला, मां को है कैंसर, पैसे नही हैं और तुरंत लेनी है दवा
Cyber Crime, DDC : आवाज बदली और घर का पंडित बनकर जालसाज ने एक व्यक्ति को झांसे में ले लिया। बोला, मां कैंसर से पीड़ित है, भर्ती है और उसके लिए तुरंत दवा लेनी है। व्यक्ति का दिल पसीस गया। जालसाज की हर डिमांड पर वह रुपये भेजता गया और विश्वास में लेने के लिए जालसाज उसे फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज भेजता गया। कुल पांच ट्रांजेक्शन में जालसाज ने पीड़ित से 91 हजार रुपये की ठगी कर ली।
पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रेंज, रुद्रपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जानकारी के अनुसार पीड़ित अनिरुद्ध साह पुत्र अशोक कुमार साह निवासी रामपुर रोड, को बीती 11 सितंबर की दोपहर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “पंडित जी” बताया। आवाज परिचित लगने पर अनिरुद्ध को विश्वास हो गया। ठग ने कहा कि उसकी मां का कैंसर का इलाज डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में चल रहा है। अचानक दवाइयों के लिए तुरंत भुगतान करना करना है, लेकिन उसके मोबाइल से पेमेंट नहीं हो पा रहा है।
हर ट्रांजेक्शन पर भेजा फर्जी मैसेज
मदद की नीयत से अनिरुद्ध ने पहले 14 हजार रुपये भेजे। तुरंत उसके मोबाइल पर 14 हजार रुपये की वापसी का फर्जी मैसेज भी आ गया। इसे सच मानकर पीड़ित ने भरोसा किया और जब ठग ने दोबारा पैसों की मांग की तो उसने पांच किस्तों में कुल 89 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने अपना बैंक खाता चेक किया तो मालूम हुआ कि पैसे वापस नहीं आए। तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित ने मामले की लिखित तहरीर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रेंज रुद्रपुर को दी। जांच के बाद पुलिस ने इस पर शून्य एफआईआर दर्ज कर मामला साइबर धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन और ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।
2000 और मांगे, फिर गायब हो गया ठग
89 हजार रुपये देने के बाद जब अनिरुद्ध से कथित पंडित जी से पूछा कि पैसे उसके खाते में क्यों नहीं दिख रहे हैं, तो ठग ने बहाना बनाया कि यह रकम उसने किसी और के खाते से डलवाई है। रकम वापस कराने के लिए उक्त व्यक्ति के पास जाना पड़ेगा और इसके लिए गाड़ी बुक करनी पड़ेगी। गाड़ी बुक करने के लिए उसने अतिरिक्त 2000 रुपये और भेजने को कहा। पीड़ित ने यह रकम भी भेज दी और इसके बाद ठग ने फोन उठाना बंद कर दिया।

