– शुक्रवार को जहर से बिगड़ी हालत और लोग समझते रहे देवी-देवता का चक्कर
Died in grief of father, DDC : बीमारी ने पिता की जान ले ली और एक बेटी अपने पिता की मौत से सदमे में मर गई। डेढ़ साल तक हर रोज पिता को याद कर रोने वाली बेटी ने शुक्रवार को जहर खा लिया। उसकी हालत बिगड़ी तो लोग इसे देवी-देवता का चक्कर समझने लगे, लेकिन जब उसने खुद जहर खाने की बात कही तो परिजन उसे अस्पताल लेकर दौड़े। चिकित्सकों ने प्रयास तो पूरा किया, लेकिन लड़की की जान नहीं सकी।
परिवार के लिए कमाती है बेटी
जयपुर वीसा हल्दूचौड़ लालकुआं निवासी राम सिंह बिष्ट यहां पत्नी व अपनी बेटियों के साथ रहते थे। तकरीबन डेढ़ साल पहले बीमारी की वजह से उनकी मौत हो गई। जिसके बाद परिवार टूट गया। राम सिंह की पत्नी भावना गृहणी हैं और सबसे बड़ी बेटी मंजू की शादी हो चुकी है। परिवार का भरण पोषण करने के लिए दूसरे नंबर बेटी पायल, रुद्रपुर स्थित ब्रिटानिया कंपनी में काम करती थी। तीसरे नंबर की बेटी निकिता (17 वर्ष) और सबसे छोटा बेटा सूरज है। परिजनों का कहना है निकिता अपने पिता के बेहद करीब थी और उन्हें हर रोज याद करती थी।
कीर्तन से लौटी और जहर खा लिया
बुधवार को घर के पास स्थित एक मंदिर में भजन-कीर्तन था और निकिता भी इसमें शामिल होने गई थी। रात वो घर लौटी और जब घर के सभी लोग सो गए तो उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे उल्टियां होने लगीं। परिजनों को लगा कि यह देवी-देवता का चक्कर है, लेकिन जब निकिता ने बताया कि उसने जहर खा लिया तो परिजन उसे लेकर डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
खुद से पहले पिता की तस्वीर पर रखती थी निवाला
महज 17 साल की निकिता धौलाखेड़ा स्थित एक स्कूल से 11वीं की छात्रा थी। परिजनों का कहना है कि ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता था, जब निकिता अपने पिता को याद कर भावुक नहीं हो जाती थी। वह अपने पिता को इस हद तक प्यार करती थी कि खुद खाने से पहले वह एक निवाला अपने पिता के नाम का निकालती थी और हर रोज उस निवाले को पिता की तस्वीर के आगे रखती थी। परिजनों का कहना है कि पिता की मौत के गम को वह बर्दाश्त नहीं कर पाई।


