-कैंसर से जूझ रही मां को एम्स ऋषिकेश ले जाना चाहते थे बेटे थे, ऐन वक्त पर बदला इरादा
Rampur Road Accident, DDC : कबीरदास का दोहा “काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब?” इस दोहे को बड़े-बुजुर्ग हमेशा अपने बच्चों को सुनाते हैं और इसकी वजह है इस दोहे के पीछे छिपा अर्थ यानी जो काम कल करना है, उसे आज करो और जो काम आज करना है, उसे अभी करो। अगले ही पल पता नहीं क्या हो जाए, इसलिए देर मत करो। जाहिद और साजिद ने भी जो तय किया था अगर वह उस पर कायम रहते तो शायद “काल” उनका बाल भी बांका न कर पाता, लेकिन परिवार ने अपनी योजना तो बदल दी, लेकिन काल की चाल नहीं बदली।
बनभूलपुरा के लाइन नंबर 17 में रहने वाले जाहिद (30) पुत्र अब्दुल गनी फर्नीचर कारोबारी हैं। हादसे में मारे गए जाहिद के भाई 26 वर्षीय साजिद की बेकरी की दुकान है। इनकी मां अख्तरी बेगम को कैंसर है और वह रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनका कैंसर लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में दोनों भाइयों ने तय किया था कि वह मां का इलाज एम्स ऋषिकेश में कराएंगे। इसके लिए दोनों भाइयों ने तय किया था कि वह हादसे की तारीख यानी 25 अगस्त को मां को एम्स ले जाएंगे, लेकिन किसी वजह से उन्होंने अपनी योजना बदल दी।
इधर, जाहिद की सास 60 वर्षीय शाहजहां और 15 वर्षीय साली मुस्कान ने जाहिद से कहा कि वह अख्तरी बेगम को एम्स ले जाने से पहले देखना चाहती हैं। दोनों के कहने पर सोमवार रात करीब 10 बजे जाहिद, अपने भाई साजिद, सास शाहजहां, साली मुस्कान और 75 वर्षीय नानी अफसरी को लेकर रुद्रपुर चले गए। जबकि इसी रोज वह बीमार मां को एम्स ले जाने वाले थे। सोमवार रात करीब 2 बजे सभी कार से वापस लौट रहे थे और तभी काल बनकर पहुंची काली स्कॉर्पियो साजिद, शाहजहां और अफसरी को निगल गई। जाहिद की हालत गंभीर है और उसका नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जबकि प्राथमिक उपचार के बाद मुस्कान को एसटीएच से घर भेज दिया गया।
स्कॉर्पियो पर जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा का बोर्ड
हादसे को अंजाम देने वाली तेज रफ्तार ब्लैक स्कॉर्पियो पर जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा रामपुर का स्टीकर लगा है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि स्कॉर्पियो में जिलाध्यक्ष सवार था या नहीं। इस मामले में पुलिस ने स्कॉर्पियो में सवार एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में तीन से चार लोग सवार थे। सभी पार्टी करने के लिए काठगोदाम गए थे और देर रात घर वापसी कर रहे थे। स्कॉर्पियो में सवार अन्य अभी फरार हैं और पुलिस इनकी तलाश कर रही है। स्कॉर्पियो सवार नशे में थे, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को स्कॉर्पियो की तलाश में न तो शराब की बोतल मिली है, न गिलास और न ही ऐसा कुछ, जिससे उनके शराब पीने की पुष्टि हो।
दो साल पहले हुई थी शादी, बीवी की गर्भ में पल रही संतान
हादसे के तुरंत बाद परिजनों को सूचना मिल गई। रात में ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। सुबह पोस्टमार्टम हाउस में भी भीड़ पहुंची। इसमें परिवार के लोग भी मौजूद थे। बताया गया कि बेकरी चलाने वाले साजिद की दो साल पहले ही शादी हुई थी। वह पहली बार पिता बनने वाले थे। उनकी पत्नी के गर्भ में उनकी संतान पल रही है और इसको लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। साजिद भी खुश था, लेकिन खुशियां पल भर काफूर हो गईं। मौत के मातम ने आने वाले बच्चे की खुशी परिवार से छीन ली। साजिद की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
तीन मौतों से मोहल्ले में मातम, मां को नहीं मौत की खबर
एक साथ तीन-तीन मौतों की खबर से लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा में मातम पसर गया। तकरीबन शाम के वक्त जब साजिद, शाहजहां और अफसरी के शव बनभूलपुरा पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग दुख प्रकट करने परिवार के बीच पहुंचे। जवान बेटे की मौत ने परिवार को तोड़ दिया। वहीं हादसे में बाल-बाल बची मुस्कान सदमे में है। वह अचानक चौंक पड़ती है। दूसरी ओर कैंसर पीड़ित अख्तरी बेगम की हालत को देखते हुए उनके जवान बेटे साजिद और मां अफसरी की मौत की खबर उन्हें नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि मां, बेटे और समधन की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी।


