– खूबसूरती के जाल में फंसा कर किया शादी का वादा, फिर ठगा, टेलीग्राम पर पहले ट्रेड पर दिया मुनाफा फिर जाती रही रकम
Cyber Fraud, DDC : सोशल मीडिया प्लेटफार्म टिंडर पर मिली एक लड़की ने हल्द्वानी के बिजनसमैन को अपनी खूबसूरती के जाल में फांसा। शादी का वादा किया, लेकिन कहा- ये वादा तभी पूरा होगा जब वह ट्रेडिंग करेगा। भरोसा दिया कि वह पेशेवर ट्रेडर और ट्रेडिंग कर रोज लाखों रुपए कमाती है। बिजनेसमैन, खूबसूरत ठग के जाल में फंस गया। वो रुपये लगवाती रही और बिजनेसमैन ट्रेडिंग के नाम पर रुपये लगाता रहा। उसे होश तब आया जब 14 लाख रुपए से अधिक की रकम डूब गई। साइबर थाना पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक बिजनेसमैन ने पुलिस को बताया कि उनका सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर टिंडर पर एकाउंट है। अचानक रिचा नाम की एक लड़की, बिजनेसमैन के प्रोफाइल पर मैसेज करने लगी। दोनों के बीच चैटिंग शुरू हो गई और फिर दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए।
इसीबीच रिचा ने उसे शादी के लिए प्रपोज कर दिया और अपनी फोटो भेजी। फोटो में बिजनेसमैन को रिचा पसंद आ गई। अब चैट पर दोनों के बीच काफी बातें होने लगीं। बातों-बातों में रिचा ने यह जान लिया कि जिससे वह बात कर रही है वो एक बड़ा आदमी है। रिचा ने भी खुद को बड़ा बताया और कहा कि वह ट्रेडिंग कर लाखों रुपये रोज के कमाती है।
फिर रिचा उसे ट्रेडिंग के लिए प्रोत्साहित करने लगी। कहने लगी कि आप मेरे साथ ट्रेडिंग करेंगे तो ही मैं शादी करूंगी। रिचा अपने प्रेमी को बड़े-बड़े सपने दिखाने लगी और बोली कि ट्रेडिंग से वह तीन महीने के भीतर एक करोड़ रुपये कमा लेगा। बिजनेसमैन मान गया। रिचा ने उसके व्हाट्सएप पर एक वेबसाइट का लिंक भेजा और उस पर आईडी बनवाई।
आईडी के जरिये 25 हजार रुपये की पहली ट्रेड कराई। इस 17 डॉलर का मुनाफा हुआ। कुछ डॉलर ने बिजनेसमैन ने निकाल भी लिए। इसके बाद उसे सोशल मीडिया साइट टेलीग्राम पर ले जाया गया। अब रिचा ने यहां बिजनेसमैन से ट्रेडिंग शुरू कराई।
पहले एक लाख लगवाए और धीरे-धीरे कर 14 लाख से अधिक रुपया लगवा दिया। बिजनेसमैन ने पैसे निकलवाने के लिए कहा तो उससे पहले 30 प्रतिशत टैक्स जमा करने को कहा गया। उसने फिर विड्राल के लिए अप्लाई किया तो फिर से 20 प्रतिशत टैक्स मांगा गया।
इस पर उसे ठगी का एहसास हुआ और वो पुलिस के पास पहुंचा। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर साइबर पुलिस थाने को ट्रांसफर कर दिया गया है। आगे की जांच साइबर पुलिस ही करेगी।

