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दुनिया की सबसे बड़ी बैंक डकैती, बैंक लूटने में लगे पांच घंटे

– तब के तानाशाह सद्दाम हुसैन के बेटे ने लूटा था इराक का सेंट्रल बैंक

World’s biggest robbery, DDC : जब दुनिया की सबसे बड़ी चोरी या डकैती का जिक्र होता है तो इराक का नाम लिया जाता है। क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा डाका इराक के सेंट्रल बैंक में डाला गया था। डाका डालने वाला कोई और नहीं बल्कि तब के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का बेटा था। करीब एक बिलियन की डकैती में सबसे बड़ी बात यह थी कि इसमें एक भी गोली नहीं चली।

घटना मार्च 2003 की है। तब इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन थे। अमेरिका और सद्दाम हुसैन की दुश्मनी जगजाहिर है। कहते हैं कि अमेरिका ने इराक पर हमले की पूरी तैयारी कर ली थी। उससे कुछ घंटे पहले सद्दाम हुसैन का बेटा कुसय, बगदाद स्थित इराकी सेंट्रल बैंक पहुंचा। उसने बैंक प्रमुख को एक पर्ची थमाई, जिसपर लिखा था कि सुरक्षा कारणों से बैंक के सभी पैसों को राष्ट्रपति ने दूसरी सुरक्षित जगह ले जाने का आदेश दिया है।

उस समय इराक में सद्दाम हुसैन का खौफ था और उन्हें तानाशाह माना जाता था। इसलिए बैंक प्रमुख कुछ नहीं बोले और पैसों को ले जाने की अनुमति दे दी। सद्दाम हुसैन के बेटे कुसय ने इराकी बैंक से इतने रुपए लूटे थे कि उन्हें ट्रकों में भर-भरकर ले जाने पड़ा। लूट की रकम ट्रकों में भरने में करीब पांच घंटे लो थे। बैंक में और भी पैसे थे, लेकिन उन्हें रखने के लिए ट्रक में जगह नहीं थी, इसलिए उन्हें छोड़ना पड़ गया।

इस बैंक डकैती की बात दुनियाभर में तब फैली, जब घटना के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने इराक पर बमबारी शुरू की। इस दौरान इराकी सेंट्रल बैंक पर भी उन्होंने कब्जा जमाया, लेकिन सारे पैसे सद्दाम हुसैन का बेटा कुसय ले जा चुका था। सद्दाम हुसैन के महल में भी जांच में बड़ी मात्रा में नोट मिले। हालांकि ये नोट लूट की रकम का हिस्सा नहीं थे। उन पैसों को सद्दाम हुसैन के दूसरे बेटे उदय ने पहले से ही संभाल कर रखा था, क्योंकि बड़ी मात्रा में कैश रखना उसका शौक था।

इराक में और भी कई जगहों पर छानबीन हुई, जिसमें कई सौ करोड़ रुपये मिले, लेकिन बैंक लूट का एक बड़ा हिस्सा कभी नहीं मिला। अंदाजा लगाया जाता है कि सद्दाम हुसैन ने उन पैसों को सीरिया भेज दिया होगा। हालांकि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं।

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