– गौलापार में किशोर की हत्या करने वाला पड़ोसी निखिल जोशी गिरफ्तार, दुष्कर्म की नीयत से ले गया था घर
Gaulapar murder case revealed, DDC : काठगोदाम थानाक्षेत्र के गौलापार में हुए 10 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्या कांड का पुलिस ने खुसाला तो कर दिया, लेकिन अधूरा। पुलिस ने किशोर की हत्या के आरोप में पड़ोसी निखिल जोशी को गिरफ्तार किया है, लेकिन उससे आलाकत्ल बरामद नहीं कर सकी। घटना को तंत्र-मंत्र के चक्कर में अंजाम नहीं दिया गया, बल्कि हत्यारोपी ने दुष्कर्म में नाकाम होने के बाद पहले किशोर का गला घोंटा और फिर धारदार हथियार से उसके पांच टुकड़े कर दिए। अब पुलिस को उस हथियार को तलाश कर रही है, जिससे शव के टुकड़े किए गए।
शनिवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीते सोमवार (4 अगस्त) की दोपहर पश्चिमी खेड़ा गौलापार में रहने वाला 10 किशोर उस वक्त लापता हो गया, जब वह घर से कोल्ड ड्रिंक खरीदने निकला था। मामले में तुरंत गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की गई। बच्चे के गायब होने के कुछ घंटों के भीतर ही उसे पश्चिमी खेड़ा में रहने वाले निखिल जोशी पुत्र मोहन चंद्र जोशी के साथ सीसीटीवी में जाते देखा गया। निखिल बच्चे को लेकर अपने घर की ओर जा रहा था। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी के घर के पीछे से बिना हाथ और सिर के किशोर का धड़ बरामद किया, जिसे निखिल ने दफना दिया था।
निखिल पहले दिन से ही पुलिस की हिरासत में था, लेकिन मुंह नहीं खोल रहा था। वह तंत्र-मंत्र का नाम लेकर पुलिस को गुमराह कर रहा था। पुलिस को ऐसे में मनोचिकित्सक डॉ.युवराज पंत का सहारा लेना पड़ा। जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ी, निखिल के खिलाफ सुबूत मिलते गए और निखिल टूटने लगा। शुक्रवार की रात करीब दो बजे निखिल, पुलिस को घटना स्थल पर लेकर पहुंचा। वह घर के पीछे गौशाला लेकर पहुंचा और वह स्थान दिखाया, जहां उसने सिर और हाथ को दफना रखा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सिर और हाथ बरामद कर लिया।
निखिल ने पुलिस को बताया कि वह किशोर के साथ दुष्कर्म करना चाहता था और बहला-फुसला कर वह उसे अपने साथ घर ले गया था। उस वक्त घर पर कोई नहीं था। बड़ा भाई, भाई और पिता बाहर थे, जबकि मां खेत में काम कर रही थी। उसने किशोर से दुष्कर्म का प्रयास किया तो वह चीखने-चिल्लाने लगा। पकड़े जाने के डर से उसने किशोर का गला घोंट दिया। फिर शव के पांच टुकड़े किए और दो अलग-अलग स्थानों पर दफना दिया। हालांकि पुलिस निखिल के मुंह से यह अभी तक उगलवा नहीं सकी है कि उसने जिस हथियार से किशोर के टुकड़े किए, वह कहां है? एसएसपी ने बताया कि आरोपी पर हत्या के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कातिल ने धुल डाले कपड़ों लगे खून के दाग
घटना के दूसरे ही दिन पुलिस ने निखिल के घर की तलाशी ली। एक बाल्टी में पुलिस को कुछ कपड़े मिले, जो डिर्जेंट के पानी में भीगे और धुले हुए थे। यह कपड़े निखिल के थे, जो उसने घटना के वक्त पहने थे। कपड़ों पर लगे खून को धुलने के लिए उसने बाल्टी में कपड़े भिगोए थे। यह साक्ष्य पुलिस के लिए अहम है, लेकिन मुश्किल यह है कि खून के दाग धुल चुके थे। फिर भी पुलिस ने कपड़ों का सुखाने के बाद उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि सुबूत पुख्ता हो सके।
राजनीतिक लोगों और मीडिया पर निकाली भड़ास
पूरे मामले में पुलिस की जांच भले ही अच्छी रही हो, लेकिन पीड़ित परिवार और उनके सहयोग में खड़े लोगों के प्रति उसका आचरण ठीक नहीं था। मल्ला काठगोदाम पुलिस चौकी के बाहर इंसाफ मांग रहे परिवार और उनके सहयोगियों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। जिस वक्त लोग इंसाफ के लिए जुटे थे, वहां कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। सीओ भी पहुंचे तो कुछ घंटों बाद। यह घटना मीडिया में सुर्खी बनी तो प्रेस वार्ता में पुलिस ने मीडिया और राजनीतिक लोगों पर सवाल खड़े कर दिए और कहा कि इन दोनों ने लोगों को गुमराह किया।
आधी रात मिला सिर और हाथ, परिवार को बताया घंटों बाद
हर हथकंडे अपना कर जब पुलिस हारी तो उसने डॉ.युवराज पंत का सहारा लिया और आरोपी को भावनात्कम तरीके से तोड़ने की कवायद शुरू की। शुक्रवार रात 12 बजे वह टूटा और आधे घंटे में कत्ल की पूरी पटकथा पुलिस को सुना डाली। रात करीब 2 बजे उसने सिर और हाथ भी बरामद करा दिए। इधर, शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि अब आधी रात शव के टुकड़े बरामद कर लिए गए थे, तो उन्हें सुबह 11 बजे सूचना क्यों दी गई। जबकि परिवार के लोग वहीं पास में ही मौजूद थे।
तीन मीटर दूर सिर और हाथ, एक किमी तक तलाशती रही पुलिस
धड़ तो किशोर के लापता होने के दूसरे दिन ही मिल गया था, लेकिन हाथ और सिर की पुलिस को तलाश थी। जहां पर निखिल ने किशोर का धड़ दफनाया था, उससे करीब तीन मीटर दूर ही उसने सिर और हाथ को गड्ढे में दफनाया था और पुलिस इसकी तलाश घटना स्थल से लेकर एक किमी दूर तक करती रही। सबसे बड़ी बात यह है कि निखिल को पता था कि अगर वह चुप रहकर पुलिस का टॉर्चर सहता रहा तो वह मामले से पाक-साफ बाहर हो जाएगा। इसी वजह से वह चुप्पी साधे रहा और पुलिस तलाश में लगी रही।
सिर मिला, हाथ मिला, लेकिन नहीं मिलीं दो अंगुलियां
धड़ मिलने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया और वह किशोर के सिर व हाथ को बरामद करने की मांग रहे थे। शनिवार को जब उन्हें पता लगा कि सिर व हाथ बरामद कर लिया गया है तो पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां आने पर पता लगा कि हाथ की तर्जनी और मध्यमा अंगुली गायब है। जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और पोस्टमार्टम न कराने पर अड़ गए। बोले, जब तक अंगुली नहीं मिलती वह पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। हालांकि बाद में समझाने पर वह राजी हो गए और कुछ घंटों बाद पुलिस ने अंगुली बरामद भी कर ली।


