किराये के मकान से रोज 5 लाख का साइबर खेल, म्यूल खातों से ठगी की रकम खपाने वाला गिरोह पकड़ा

हल्द्वानी में साइबर क्रिमिनल गैंग का खुलासा।

– पांच महीने से हल्द्वानी में चला रहे थे नेटवर्क, छह गिरफ्तार और दो किशोर संरक्षण में; 24 एटीएम, 11 मोबाइल और 1.18 लाख रुपये बरामद

DDC : हल्द्वानी में किराये के मकान से संचालित हो रहे साइबर ठगी की रकम के नेटवर्क का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह साइबर ठगी से हासिल रकम को म्यूल बैंक खातों में मंगाकर नकदी निकालने और दूसरे खातों में जमा कराने के बाद क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी के जरिए आगे भेजता था। मुखानी के लक्ष्मण विहार स्थित मकान से छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह का कथित मुख्य संचालक राहुल यादव करीब पांच महीने से हल्द्वानी में रहकर नेटवर्क चला रहा था। पूछताछ में उसके द्वारा करीब चार लाख रुपये निवेश करने और प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी की खरीद-फरोख्त करने की बात सामने आई है। इस नेटवर्क के तार उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी जुड़े मिले हैं।

बाइनेंस से यूएसडीटी, टेलीग्राम से मिला ऐप

पुलिस बहुद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि राहुल यादव बाइनेंस के जरिए यूएसडीटी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से मिले यूएमएस्टर नामक अनधिकृत ऐप पर यूएसडीटी बेचने का काम किया जाता था।

पुलिस के अनुसार राहुल ने पूछताछ में बताया कि करीब तीन-चार महीने पहले उसे टेलीग्राम पर इस ऐप का लिंक मिला था। उसके मुताबिक, ऐप के जरिए यूएसडीटी बेचने में दस्तावेज और रकम के स्रोत से संबंधित जानकारी नहीं मांगी जाती थी। पुलिस अब ऐप और उससे जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

पांच महीने के दौरान नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ, इसका पता लगाने के लिए पुलिस बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।

तीन फीसदी कमीशन पर उपलब्ध कराते थे बैंक खाते

गिरोह के काम करने के तरीके की जांच में सामने आया कि स्थानीय लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल के लिए हासिल किए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, खाताधारकों से एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और बैंक संबंधी विवरण लिए जाते थे।

इसके बाद साइबर ठगी की रकम इन खातों में पहुंचाई जाती थी। रकम आने के बाद एटीएम से नकदी निकाली जाती और बड़ी रकम को सीडीएम मशीन के जरिये दूसरे खातों में जमा किया जाता था। पूछताछ में एक लाख रुपये के लेनदेन पर करीब तीन प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है।

17 बैंक खातों से जुड़ी जानकारी जांच के घेरे में

पुलिस के अनुसार हर्षित आर्या ने 12 खाताधारकों के एटीएम और बैंक संबंधी विवरण राहुल तक पहुंचाए थे। वहीं कमल गोस्वामी ने चार और साहिल कुमार ने एक खाताधारक का एटीएम उपलब्ध कराया था।

अब पुलिस इन खातों के वास्तविक मालिकों और उनमें हुए लेनदेन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन खातों में साइबर ठगी की कितनी रकम पहुंची और रकम आगे किन-किन खातों में भेजी गई।

24 एटीएम ने खोली नेटवर्क की बैंकिंग कड़ी

पुलिस टीम ने आरोपितों के कब्जे से बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़ा सामान बरामद किया है। बरामदगी में 24 एटीएम व डेबिट कार्ड, 12 सिम, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा पर्चियां शामिल हैं।

इसके अलावा 1,18,800 रुपये नकद, एक डेल लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन और एक एपल टैब भी मिला है। पुलिस के मुताबिक, डिजिटल उपकरणों की जांच में बाइनेंस और यूएमएस्टर से जुड़े लेनदेन के संकेत मिले हैं। बैंक जमा पर्चियों में हल्द्वानी की अलग-अलग शाखाओं में रकम जमा किए जाने का विवरण भी मिला है।

कमरे में मिले आठ लोग, छह गिरफ्तार

राज्यव्यापी अभियान के तहत संदिग्ध और म्यूल बैंक खातों की निगरानी के दौरान पुलिस को लक्ष्मण विहार में राहुल यादव के ठहरने की जानकारी मिली थी। वह शैलेंद्र सिंह के मकान में किराये पर रह रहा था। सूचना के बाद मुखानी थाना पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मकान पर दबिश दी।

पुलिस के मुताबिक, कमरे में आठ लोग मिले। जांच और पूछताछ के बाद छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में सौंप दिया गया।

तीन राज्यों तक पहुंची जांच

गिरफ्तार आरोपियो में राहुल यादव निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश; हर्षित कुमार निवासी मुखानी; मोहम्मद अयान निवासी भोजपुर, मुरादाबाद; मोहम्मद शुभान निवासी संभल; कमल गोस्वामी निवासी मुक्तेश्वर और साहिल कुमार निवासी कांडा, बागेश्वर शामिल हैं। साहिल वर्तमान में दमुवाढूंगा क्षेत्र में रह रहा था।

पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दो वांछित आरोपितों की तलाश कर रही है। साथ ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

मामले के खुलासे पर एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। कार्रवाई के दौरान एसपी सिटी मनोज कत्याल और सीओ अमित कुमार सैनी मौजूद रहे।

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