. नन्ही कली केस में वर्षों बाद मुख्य आरोपी के बरी होने के बाद कटघरे में पुलिस का भरोसा, अब काठगोदाम में हुई नृशंस हत्या पर नजर
Unsolved murder cases in Nainital district, DDC : नैनीताल जिला पुलिस की फेहरिस्त में ऐसे कई हत्याकांड हैं, जिनका खुलासा आज तक नहीं हो सका। किसी में कातिल पकड़े गए तो दोयम दर्जे की जांच के चलते हत्यारोपी कोर्ट से बरी हो गई। करीब 10 साल पहले हुआ नन्हीं कली केस इसकी नजीर है। सिर्फ नन्ही कली ही क्यों, चंदन बजवाल हत्याकांड, पूनम हत्याकांड, अरुण पाल हत्याकांड, पवन कन्याल मर्डर केस और नीरू शाह मर्डर केस जाने ऐसे कितने ही मामले हैं। सभी मामलों में पुलिस ने गिरफ्तारियां कीं, कुछ को गिरफ्तार कर अदालत तक भी पहुंचाया, लेकिन पीड़ित को इंसाफ नहीं दिला सकी। अब ताजा मामला गौलापार क्षेत्र से हैं, जहां 10 साल के बच्चे को टुकड़े-टुकड़े कर हत्यारोपी ने अपने ही घर के बाड़े में दफना दिया। हत्यारोपी गिरफ्तार है और नजर पुलिस की जांच पर है।
कालाढूंगी थाना फूंका, किसने मारा पुलिस वाला
23 अगस्त 2009 को कालाढूंगी थाने में कोटाबाग के ब्लॉक प्रमुख बलवंत उर्फ बिंटू कन्याल की हत्या हो गई थी। हत्या के दूसरे दिन कालाढूंगा का माहौल बिगड़ गया। प्रदर्शनकारियों ने कालाढूंगी थाना फूंक दिया। हिंसा भड़क गई और एक पुलिस कर्मी पूरन राम सिलकोटी की मौत हो गई। इस मामले में 14 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपियों में सतीश चौधरी उर्फ मिंटू, राजीव कुमार वालिया, संजीव कुमार, वीरू बोरा उर्फ वीरेंद्र, हरगोविंद सिंह नेगी, मोहर सिंह, कल्लन गोस्वामी, बलवंत सिंह, बिठ्ठन उर्फ बिट्टू, दरबान सिंह, तासिर उर्फ टायसन, त्रिभुवन देउपा, दीवान सिंह, भोपाल सिंह थे। मामले में वादी एसआईराम सिंह मेहता ने 5 सितंबर 2009 को यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में गवाही पर गवाही हुई और एक भी गवाही ने भी अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। आज भी पता नहीं कि पुलिस कर्मी पूरन राम सिलकोटी की हत्या किसने की।
जिसे मिली फांसी की सजा, वो सुप्रीम कोर्ट से बरी हो गया
पिथौरागढ़ से काठगोदाम थानाक्षेत्र के शीशमहल में रिश्तेदार की बारात में पहुंची मासूम बच्ची 20 दिसंबर 2014 को अचानक गायब हो गई। 25 दिसंबर को उसका शव शीशमहल रामलीला मैदान (घटना स्थल) से कुछ सौ मीटर की दूरी पर नदी किनारे जंगल से बरामद हुआ। पुलिस ने धारा 365, 376 क/120बी, 212 पोक्सो अधिनियम में आरोपित अख्तर अली उर्फ शमीम उर्फ राज पुत्र मकसूद अली अंसारी निवासी ग्राम व पोस्ट महनागनी थाना बेतिया देहात, पश्चिमी चम्पारन (बिहार), प्रेमपाल वर्मा पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासी हैदरगंज थाना जहानाबाद जिला पीलीभीत (उत्तरप्रदेश ) जूनियर मसीह उर्फ फौक्सी पुत्र हारून मसीह निवासी रुद्रपुर जिला ऊधमसिंहनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पोक्सो कोर्ट ने अख्तर अली को फांसी व प्रेम पाल को पांच साल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी। 10 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट से मुख्य आरोपी बरी हो गया।
मुकम्मल सजा मिलेगी या हत्यारे को मिलेगी राहत
मूल रूप से बरेली के शाही क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बटाईदार पश्चिमी खेड़ा में परिवार के साथ रहते हैं। उनका दस वर्षीय बेटा 4 अगस्त 2025 की दोपहर घर से गायब हो गया। काठगोदाम थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 5 अगस्त को पश्चिमी खेड़ा के रहने वाले मोहन चंद्र जोशी के बाड़े में अलग-अलग स्थानों से बच्चे के शव के टुकड़े बरामद किए गए, जिन्हें दफना दिया गया था। बच्चे का सिर और हाथ धड़ अलग कर दिया था। मामले में मोहन चंद्र जोशी के बेटे निखिल जोशी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। तब एसएसपी रहे प्रह्लाद नारायण मीणा ने दावा किया कि एसएसपी ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति की जटिलता को देखते हुए केस में मनोचिकित्सक डॉ. युवराज पंत की मदद ली गई। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी को मुकम्मल सजा दिला पाती है या फिर आरोपी खुद को मानसिक रोगी साबित करने में सफल हो जाता है।
जिले के कुछ बेहद चर्चित हत्याकांड, नहीं मिले जिनके कातिल
– 24 फरवरी 2019 की रात पश्चिमी खेड़ा गौलापार निवासी चंदन सिंह बजवाल (67) की गला घोंट कर हत्या की गई। उनकी लाश घर के नजदीक नलकूप की टंकी के नीचे मिली थी। अंत में फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी।
– वर्ष 2015, 24 नवंबर की रात कालाढूंगी रोड स्थित कैनाल कालोनी में रहने वाले 28 वर्षीय सफाई कर्मचारी अरुण पाल की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। कातिल नहीं पकड़े गए।
– आरटीओ रोड रेशमबाग निवासी करोड़पति बुजुर्ग नीरू शाह की 15 मई 2018 को हत्या कर दी गई। शव घर में दीवान बेड में मिला। गले में साड़ी का फंदा लगा था। कइयों के पॉलीग्राफ टेस्ट हुए, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।
– 16 अगस्त 2021 की शाम पांच बजे सुभाष नगर निवासी ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल की मौत हो गई। 17 सितंबर को भुजियाघाट में खाई से शव बरामद हुआ। एफआर लगाकर जांच बंद कर दी गई।
– 26 अगस्त 2018 को गोरापड़ाव निवासी ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे के घर में घुसकर उनकी पत्नी पूनम की हत्या कर दी गई। जांच में 25 टीमें लगीं, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।

