– जमानत पर रिहा फरदीन पर अब एसिड अटैक की धमकी का केस दर्ज, पीड़िता ने पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
Case filed against the accused of gang rape, DDC : कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी फरदीन पर अब नया केस दर्ज करने का आदेश दिया है। पहले से पॉक्सो एक्ट व धारा 376 आईपीसी के मुकदमे में जेल जा चुका फरदीन अब जमानत पर बाहर है। उस पर पीड़िता को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाने, गाली-गलौच और एसिड अटैक की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता के बार-बार शिकायत के बावजूद जब बनभूलपुरा थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तब कोर्ट ने दखल देते हुए धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत केस दर्ज करने का निर्देश दिया।
पीड़िता ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम हल्द्वानी में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि 2023 में उसके लापता होने पर पिता की सूचना पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोपी फरदीन पुत्र मोईन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस वक्त वह फरदीन और उसके पिता मोईन के दबाव में थी, इसलिए कोर्ट में बयान नहीं दे पाई, लेकिन जेल से छूटने के बाद से फरदीन ने उसका और परिवार का जीना मुश्किल कर दिया है।
पीड़िता के मुताबिक 15 मई को जब वह अपनी मां के साथ मेडिकल टेस्ट के लिए जा रही थी, तब अब्दुल्लाह बिल्डिंग के पास फरदीन ने उसे रोका और केस वापस लेने को कहा, वर्ना जान से मारने की धमकी दी। 19 मई को जब वह अपनी दादी के घर से लौट रही थी, तब फरदीन ने उसे रोक कर गाली दी और तेजाब डालने की धमकी दी। जब मां ने विरोध किया तो फरदीन भाग गया।
प्रार्थिनी थाने पहुंची तो पुलिस ने अगले दिन आने को कहा। 20 मई को रिपोर्ट दी, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज हुई और न तहरीर पर रिसीविंग दी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम हल्द्वानी पारुल थपलियाल ने 31 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। प्रभारी थानाध्यक्ष बनभूलपुरा सुशील जोशी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
थाने में अपमान, बंदीगृह में बैठाया, फर्जी राजीनामा पर कराए हस्ताक्षर
पीड़िता का आरोप है कि 2 जून और 12 जून को थाने से उसे बुलाया गया और एक सिपाही ने फरदीन के पिता के साथ मिलकर उस पर राजीनामे का दबाव बनाया। थाने में उसके साथ चोरों जैसा व्यवहार हुआ, उसे बंदीगृह में बैठाया गया और उसकी मां के साथ भी बदसलूकी हुई। दबाव डालकर झूठे प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए गए।

