. हॉस्पिटल के डॉ. बृजमोहन जोशी व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप, सीएमओ और पुलिस से शिकायत के बाद भी नहीं की गई कार्रवाई
Patient Dies at Pride Hospital, DDC : किडनी में स्टोन के मामूली से ऑपरेशन के लिए प्राइड हॉस्पिटल पहुंचे एक मरीज की कुछ घंटों बाद ही मौत हो गई। जबकि ऑपरेशन से पहले मरीज बिल्कुल ठीक हालत में अपने भाई के साथ स्कूटी पर सवार होकर हॉस्पिटल पहुंचा था। पीड़ित ने हॉस्पिटल के डॉ. बृजमोहन जोशी और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस और सीएमओ से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
किशनपुर घुड़दौड़ा निवासी भरत मोहन सिंह ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई ललित मोहन सिंह को पेट दर्द की शिकायत होने पर 12 सितंबर 2025 को डॉ. बृजमोहन जोशी को दिखाया गया। जांच के बाद 14 सितंबर 2025 को डॉक्टर ने किडनी स्टोन का ऑपरेशन कराने के लिए कहा और कहा कि यह एक सामान्य सर्जरी है। ऑपरेशन द प्राइड हॉस्पिटल, मुखानी रोड में 24 सितंबर 2025 को कराने के लिए कहा गया और तब तक दवाइयां लेने की सलाह दी गई।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 24 सितंबर 2025 की सुबह करीब आठ बजे मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर में ऑपरेशन किया गया। इस दौरान परिजन ऑपरेशन थिएटर के बाहर इंतजार करते रहे। शाम करीब छह बजे अस्पताल स्टाफ ने बताया कि ललित की तबीयत बिगड़ रही है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ललित को तत्काल चंदन हॉस्पिटल ले जाना होगा। आरोप है कि द प्राइड हॉस्पिटल के डॉक्टर बृजमोहन जोशी और स्टाफ मरीज को लेकर चंदन हॉस्पिटल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने बाहर ही ललित को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि मौत का कारण पूछने पर डॉक्टरों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी की मोर्चरी भेजा गया। आरोप है कि यह घटना डॉ. बृजमोहन जोशी, द प्राइड हॉस्पिटल के चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की बताई गई परिस्थितियों में भी अंतर है, जिससे लापरवाही की आशंका और मजबूत होती है।
25 सितंबर 2025 को परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और कोतवाली हल्द्वानी में शिकायत दी। 18 अक्टूबर 2025 को अंतिम संस्कार के बाद फिर से थाना हल्द्वानी में तहरीर दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने सीएमओ की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन न तो रिपोर्ट आई और न मुकदमा हुआ। 20 जनवरी 2026 को एसएसपी को भी शिकायत भेजी गई, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर भरत मोहन सिंह ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए डॉ. बृजमोहन जोशी, द प्राइड हॉस्पिटल के चिकित्सकों और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश देने की मांग की है।
कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चिकित्सकों के पैनल में उजागर हुई लापरवाही
मौत के लिए जिस तरह के आरोप लगाए गए थे, उसकी पुष्टि करना पुलिस के बस में नहीं है। ऐसे में पुलिस को किसी विशेषज्ञ की जरूरत थी। सूत्रों का कहना है कि पीड़ित ने जब सीएमओ से शिकायत की तो चिकित्सकों की एक कमेटी गठित कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों के बयान में पहले ही भिन्नता सामने आ चुकी थी। सूत्रों का कहना है कि सीएमओ की कमेटी भी चिकित्सकों की लापरवाही के कारण मौत की बात सामने आई है।

