. किसान के खाते से कटे थे रुपए, साइबर क्रिमिनल की तीन कॉल के बाद बंद हो गया था किसान का सिम
Cyber Crime, DDC : साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया, जिसने बैंक खाताधारकों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्द्वानी के एक किसान के बैंक खाते से महज एक घंटे के भीतर 9,29,897.55 रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली गई। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित के मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही उसने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। घटना से पहले उसके मोबाइल पर लगातार तीन कॉल आईं और कुछ ही देर बाद बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया।
मुखानी थाना क्षेत्र के नवाड़ मौला हरक सिंह, लामाचौड़ निवासी किसान दलविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके दो बेटे ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। छोटा बेटा इंजीनियर है, जबकि बड़ा बेटा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है। फरवरी में पत्नी के निधन के बाद दोनों बेटे भारत आए हुए हैं।
पीड़ित के अनुसार, 3 जुलाई की शाम उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई, लेकिन कॉल रिसीव करते ही कट गई। इसके बाद लगातार दो और कॉल आईं और दोनों बार यही हुआ। उन्होंने इसे सामान्य कॉल समझकर नजरअंदाज कर दिया। कुछ देर बाद उनका वही मोबाइल नंबर बंद हो गया, जो बैंक खाते से पंजीकृत था।
अगले दिन बैंक पहुंचने पर हुआ खुलासा
अगली सुबह दलविंदर सिंह बैंक पहुंचे और पासबुक अपडेट कराई। तब पता चला कि उनके खाते से 9,29,897.55 रुपये की कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से खरीदारी की जा चुकी थी। पासबुक में संबंधित शॉपिंग कंपनी का नाम भी दर्ज मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल बैंक जाकर अपना खाता ब्लॉक कराया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
मुखानी थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर सेल के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बैंक खाते तक पहुंच कैसे बनाई गई और रकम किन माध्यमों से खर्च की गई।
क्या हो सकता है ठगी का तरीका?
प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए यह मामला SIM Swap Fraud या SIM Hijacking जैसा प्रतीत होता है। इस प्रकार की ठगी में अपराधी बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, जिससे ओटीपी और बैंक अलर्ट उनके पास पहुंचने लगते हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के वास्तविक तरीके की पुष्टि हो सकेगी।

