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शासनादेश है, फिर भी दमुवाढूंगा के लोगों को डरा रहा प्रशासन

– विधायक सुमित ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को ज्ञापन सौंप कर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

MLA met Kumaon commissioner, DDC : छत छिनने का डर सता रहे दमुवाढूंगा के लोगों की परेशानी लेकर विधायक सुमित ह्रदयेश ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से मुलाकात की। विधायक ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा, प्रशासन शासनादेश की अनदेखी कर रहा है। साथ ही कुमाऊं आयुक्त से अपील की कि ग्राम वासियों को अपना कब्जा प्रमाणित करने का मौका दिया जाए।

रविवार को विधायक ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से भेंट की। विधायक सुमित हृदयेश ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्ष 2016 में दमुवाढूंगा क्षेत्र को बंदोबस्ती राजस्व ग्राम घोषित किया गया था। शासनादेश के अनुसार वहां पारंपरिक रूप से निवास कर रहे नागरिकों को भूमिधर अधिकार दिए जाने थे, परंतु प्रशासन उन्हीं निवासियों की भूमि को अवैध घोषित कर उन्हें डराने, धमकाने और बेदखल करने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा, यह कृत्य न केवल अनुचित और अवैधानिक है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी निंदनीय है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यह केवल भूमि से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के जीवन, भविष्य और न्याय के अधिकार का प्रश्न है। वह अपने क्षेत्र के निवासियों के हक और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़े हैं और आगे भी डटे रहेंगे।

महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविन्द सिंह बिष्ट ने भी आयुक्त से आग्रह किया कि दमुवाढूंगा को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के बाद आरक्षित वन क्षेत्र से अनरक्षित भूमि पर पारंपरिक रूप से बसे नागरिकों को मौके और कब्जे के आधार पर नियमित किया जाए। ग्रामवासियों को अपना कब्जा प्रमाणित करने का अवसर दिया जाए। यदि किसी बाहरी व्यक्ति ने क्षेत्र में अवैध कब्जा किया है तो क्षेत्रवासी उसका विरोध करेंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक सुमित हृदयेश, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष गोविन्द सिंह बिष्ट, हरीश लाल वैद्य, महेशानंद, फकीर राम टम्टा, कृष्ण कुमार, केसी भाई, जगदीश भारती, लाल सिंह पंवार आदि थे।

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