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व्हाइट कॉलर टेररिस्ट : दिल्ली धमाके का देवभूमि कनेक्शन

– दून में डॉक्टर और पिथौरागढ़ में एक महिला से मिला आतंकियों का संपर्क, राज्य के चार जिलों में सघन चेकिंग की शुरुआत

Uttarakhand connection to Delhi blast, DDC : दिल्ली में धमाका करने वाले व्हाइट कॉलर टेरिरिस्ट के तार देहरादून और पिथौरागढ़ के बाद अब नैनीताल से भी जुड़ने लगे हैं। इसी आशंका ने पुलिस को परेशान कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद अब नैनीताल जिले में 13 प्वाइंट पर सघन चेकिंग शुरू कर दी है। सिर्फ नैनीताल ही नहीं, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार में भी पुलिस चेकिंग कर रही है। खुफिया गोपनीय तरीके से जिले में व्हाइट कॉलर टेररिस्म के तार से तार जोड़ने में जुटी है। पुलिस के निशाने पर हर वो शख्स है, जो उत्तराखंड से नहीं है, बड़े प्रोफेशन में है और खासतौर से समुदाय विशेष से जुड़े डॉक्टर।

दिल्ली में 10 नवंबर की रात लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के साजिशकर्ताओं के तार उत्तराखंड के तराई से जुड़ भी रहे हैं। सूत्रों की मानें तो धमाके में शामिल साजिशकर्ता घटना से पूर्व कई बार उत्तराखंड आ चुके हैं। इंटेलिजेंस के इनपुट पर एसटीएफ की टीमें रुड़की, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ के कई ठिकानों पर गुप्त जांच कर रही हैं।

घटना में शामिल अलग-अलग साजिशकर्ताओं के उत्तराखंड से सात कनेक्शन सामने आ रहे हैं, जिसमें प्लेसमेंट एजेंसी संचालक और चिकित्सा कारोबार से जुड़े लोग हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने ब्लास्ट के मुख्य आरोपी और आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी और उसके गिरफ्तार सहयोगी आमिर राशिद अली, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल राठर, डॉ. शाहीन शाहिद व उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की कॉल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच व विभिन्न ऐप के डेटा निकाले हैं। इससे मिले अहम सुराग के बाद अब दिल्ली ब्लास्ट के तार नैनीताल से भी जुड़ने लगे हैं।

हालांकि पुलिस इस पर कुछ भी बोलने से बच रही है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल का कहना है कि उन्हें पुलिस मुख्याल से सघन चेकिंग के निर्देश मिले हैं। हमने जिले के 13 प्वाइंट पर शनिवार से चेकिंग शुरू कर दी है। इसमें जिले की जिले की सीमा और कुछ इलाके शहर के हैं।

दो फोन नंबर, एक ई-मेल ट्रेल आया सामने
उत्तराखंड से जुड़े लिंक्स की जांच इस आतंकी मॉड्यूल को पूरी तरह से बेनकाब करने की दिशा में चेकिंग को अहम कड़ी माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने प्रदेश पुलिस से इस संबंध में जानकारी साझा की है, जिसके बाद देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऊधमसिंह के कई ठिकानों पर निगरानी व गुप्त जांच तेज हो रही है। धमाके के बाद पकड़े गए संदिग्धों के मोबाइल डेटा और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच में उत्तराखंड के दो फोन नंबर, एक ई-मेल ट्रेल और रुड़की क्षेत्र में हुई एक मुलाकात का संकेत मिला है। आरोपियों में से एक ने पिछले दो महीनों में देहरादून और हरिद्वार के बीच कम-से-कम तीन बार यात्रा की थी। जांच टीमों को एक चैटिंग एप में मिले चैट बैकअप से पता चला कि आरोपियों ने उत्तराखंड को सेफ मीटिंग प्वाइंट कहा था।

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