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40 तोला सोना और लाखों का कैश चोरी, आधे की स्मैक पी गए चोर

. इसी साल मार्च में मुखानी और अप्रैल में लालकुआं कोतवाली क्षेत्र में हुई थी दो चोरियां

Theft in Mukhani and Lalkuan, DCC : नैनीताल जिले के दो थानाक्षेत्रों में पांच और छह माह पहले दो बड़ी चोरियां हुईं। दोनों स्थानों से करीब 40 तोला सोना और लाखों का कैश चोरी हुआ। इतने महीनों बाद पुलिस ने दोनों चोरियों का खुलासा किया और दो शातिरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पुलिस ने चोरी किया गया माल भी बरामद किया, लेकिन आधा। पुलिस ने जब चोरों ने बाकी के माल के बारे में पूछा तो शातिरों ने बताया कि वह आधे माल का स्मैक पी गए। पकड़े गए एक शातिर पर मुकदमे की लंबी फेहरिस्त है।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि इसी वर्ष मार्च में इंदिरा कालोनी सेक्टर 4 मेहरा गांव लोहरिया साल तल्ला कठघरिया मुखानी निवासी मनोज पाठक पुत्र देवीदत्त पाठक के घर से करीब 25 तोला सोने के जेवर और 20 हजार रुपया कैश चोरी हुआ। घटना के रोज घर में ताला लगा था और मनोज परिवार समेत पिथौरागढ़ गए थे। जबकि अप्रैल में चोरों ने गोपीपुरम हल्दूचौड़ जय अरिहन्त कालेज के पास रहने वाले नितेश वर्मा पुत्र सुरेश चंद्र के घर चोरी हुई। वो परिवार के साथ रिश्तेदारी में दिल्ली गए थे। 22 अप्रैल को लौटे तो करीब 15 तोला सोने के जेवर और 4 लाख रुपये की नगदी गायब थी।

पुलिस पहले मामले की तलाश में जुटी तो पता लगा कि जिसने मुखानी में चोरी की, उसी ने हल्दूचौड़ में ताले तोड़े। पुलिस ने इस मामले में आबिद हुसैन पुत्र मोहम्मद हुसैन निवासी डोंगपुरी थाना गदरपुर जिला उधमसिंह नगर और राजवीर सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी उपरोक्त को गिरफ्तार किया। मुखानी की चोरी को आबिद ने अकेले अंजाम दिया था। इनके पास से दोनों चोरियों में चोरी हुए माल का लगभग आधा बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आबिद ने बताया कि वह स्मैक का लती है और चोरी का ज्यादातर माल उसने स्मैक में फूंक दिया।

एसपी सिटी ने बताया कि चोरी का बचा माल भी दोनों स्मैक के लिए बेचने की फिराक में थे। इसके लिए वह माल समेत किच्छा रेलवे पटरी पर लेकर जा रहे थे, तभी पकड़ लिए गए। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पुलिस टीम को ढाई हजार इनाम की घोषणा की है। वार्ता के दौरान सीओ सिटी नितिन लोहनी मौजूद रहे।

सोने के बदले मिलता था 15 दिन का माल
आरोपी आबिद पर हल्द्वानी, बनभूपुरा, मुखानी और लालकुआं में कई मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में घटनाओं को अंजाम देता है। आबिद ने पुलिस को बताया कि चोरी के जेवर बेचना मुश्किल था। आसान यह था कि वह लत पूरी करने के लिए नशा तस्करों को जेवर दे देता था और उसके बदले में उसे 15-20 दिन तक पीने की लिए स्मैक मिल जाती थी। स्मैक के लिए आबिक ने चोरी का कुछ माल तो बहेड़ी, किच्छा और बरेली में एक चलते-फिरते स्मैक बेचने वालों को दे दिया।

पुलिस पीछे पड़ी तो रामपुर में किया सरेंडर, फिर एक्सीडेंट
आबिद ने बताया कि मुखानी और लालकुआं में चोरी के बाद उसे पता चल गया था कि पुलिस उसके पीछे है। पुलिस ने बचने के लिए एक पुराने मामले में उसने रामपुर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। काफी समय तक वह जेल में रहा और जब बाहर निकला तो एक्सीडेंट हो गया। चोरी के माल का कुछ हिस्सा उसने अपने वकीलों और कुछ इलाज में भी खर्च किया।

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