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डॉ.पुनीत गोयल को पीटकर लूटा, छात्रसंघ अध्यक्ष पर लूट का मुकदमा

रेडिएंट हॉस्पिटल के बाहर डॉ.पुनीत को पीटते छात्र नेता

– छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज रमोला व साथियों ने डॉ.पुनीत कुमार गोयल को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था, लूटे थे 40 हजार रुपये

Dr. Puneet Kumar Goyal beaten, DDC : एमबीपीजी कॉलेज एक छात्र नेता ने छात्रसंघ विशाल सैनी ने अध्यक्ष सूरज रमोला व साथियों के साथ मिलकर शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ.पुनीत कुमार गोयल पर हमला कर दिया। घटना के वक्त डॉ. पुनीत अपने रेडिएंट हॉस्पिटल की ओपीडी में मरीज देख रहे थे। उन्हें हॉस्पिटल में खींच कर सड़क तक लाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। डॉ.पुनीत की तहरीर पर मुखानी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लूट और बलवा समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पीटा और 40 हजार रुपये भी लूट ले गए आरोपी
मुखानी पुलिस को दी तहरीर में हिल्स व्यू एन्क्लेव लोहरियासाल मल्ला निवासी डॉ. पुनीत कुमार गोयल पुत्र हरि प्रकाश गोयल ने लिखा, बीती 5 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह मुखानी रोड केवीएम स्कूल के पास स्थित रेडिएंट हस्पिटल में अपने केबिन में मरीजों को देख रहे थे। तभी छात्र नेता विशाल सैनी अपने साथियों केबिन में घुसा और गालियां देने लगा। पुनीत कुछ समझ पाते इससे पहले ही विशाल सैनी व साथियों ने गिरेबान पकड़ कर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस बीच उक्त लोगों विपुल की टेबल की दराज में रखे 40 हजार रुपये निकाल लिए। पीटते-घसीटते वह पुनीत को केबिन से बाहर ले आए और जान से मारने की धमकी दे कर फरार हो गए।

आधे घंटे बाद लौटे और फिर की पिटाई
करीब आधे घंटे बाद विशाल सैनी अपने साथी छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज रामोला, हितेश जोशी, राहुल मठपाल, मनीकेत तोमर, मोहित खोलिया व अन्य के साथ फिर आ धमका। केबिन में बैठे पुनीत को फिर पीटना शुरू कर दिया। पुनीत किसी तरह बचकर मदद की गुहार लगाते हुए हॉस्पिटल से बाहर भागे। उन्होंने बगल के विवेकानंद हस्पिटल में शरण लेनी चाही, लेकिन तभी पीछा कर आरोपियों ने उन्हें सड़क पर पकड़ कर बेतहाशा पीटना शुरू कर दिया। उन्हें गाड़ी में डालकर अपहरण की कोशिश की। सड़क पर भारी भीड़ जुटने से आरोपी अपनी नीयत में कामयाब नहीं हुए और चिकित्सक को छोड़कर फरार हो गए। जिसके बाद चिकित्सक ने मुखानी पुलिस को तहरीर सौंपी। मुखानी थानाध्यक्ष पंकज जोशी ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 309(4), 115(2), 352, 351(2), 351(3) व 191(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाता रहा चिकित्सक, लेकिन…
डॉ.पुनीत के साथ मारपीट की इस घटना चंद लोगों ने अंजाम दिया, लेकिन रेडिएंट हॉस्पिटल से लेकर सड़क तक तमाशबीनों की भारी भीड़ थी। चंद लोग पुनीत को पीटते रहे, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। उल्ट लोग फोटो-वीडियो बनाते रहे और पुनीत हाथ जोड़कर छात्र नेताओं के सामने गिड़गिड़ाते रहे। पुनीत की जान सिर्फ इसलिए बच सकी, क्योंकि वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

चुनाव लड़ने के पैसे नहीं दिए तो रजी साजिश
डॉ.पुनीत कुमार अग्रवाल का कहना है कि विशाल सैनी ने छात्रसंघ चुनाव के दौरान उनसे चुनाव लड़ने के लिए रुपये मांगे थे, लेकिन पुनीत ने रुपये देने से इंकार कर दिया था। उसी दिन विशाल ने धमकी दी कि थी कि वह उन्हें छोड़ेगा नहीं। घटना के दिन जब विशाल अस्पताल पहुंचा उसने कहाकि तू चंगुल में फंस गया है। कहा, ‘सुंदर नाम का मरीज जो हस्पिटल में एडमिट है, वह मेरे कहाने पर ही तेरे हस्पिटल में एडमिट कराया गया था। अब मैं उसे डिस्चार्ज कराकर ले जा रहा हूं। उसके इलाज का जो रुपया दे दिया उससे संतुष्टी कर। अब कोई रुपया नहीं मिलेगा, वैसी भी हम रुपये देने वालों में नहीं बल्कि लेने वालों में से हैं, बस मान ले कि बाकी के बचे रुपये वही हैं जो मैंने तुझसे पहले छात्र संघ चुनाव के दौरान मांगे थे।’

आरोपियों पर लगी है भारतीय न्याय संहिता की ये धारा
– चोट पहुंचाने, हमला करने और गलत तरीके से रोकने पर धारा 333 लगाई जाती है, इसमें सात साल तक कारावास या अर्थदंड की सजा का प्रावधान है।
– लूट के लिए 309(4) लगाई जाती है और इसमें 10 से 14 साल तक कारावास का प्रावधान है।
– स्वेच्छा से चोट पहुंचने पर धारा 115(2) का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें चालान, हिरासत और अर्थदंड का प्रावधान है।
– शांति भंग में धारा 352 लगाई जाती है और इसमें एक अवधि से दो साल तक करावास होता है।
– आपराधिक धमकी के लिए धारा 351(2) लगाई जाती है और इसमें दो साल कैद या अर्थदंड या दोनों हो सकते हैं।
– गंभीर चोट पहुंचाने वाले पर 351(3) लगाई जाती है और इसमें एक अवधि से सात साल तक कैद हो सकती है।
– बलवा करने की कोशिश करने वाले पर धारा 191(2) लगती है और एक अवधि से दो सात तक कैद हो सकती है।

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