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विवेचना में लापरवाही पर एसएसपी का एक्शन, दो निलंबित और दो लाइनहाजिर

– आदेश कक्ष में एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कड़ा संदेश – “लंबित विवेचनाएं बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही तय होगी”

Suspended for negligence and sent to the line, DDC : नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने जनपद के विवेचकों का आदेश कक्ष लेकर लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान लापरवाही और उदासीनता दिखाने वाले चार विवेचकों पर उन्होंने बड़ी और कड़ी कार्रवाई कर दी। एक दरोगा और एक एएसआई को उन्होंने निलंबित कर दिया। जबकि दो दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया।

आदेश कक्ष में एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि विवेचनाओं को अकारण लंबित रखने और न्यायालयीन प्रकरणों में लापरवाही करने वालों पर अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लापरवाह विवेचकों पर कार्रवाई की गई, उनमें उपनिरीक्षक हरजीत सिंह राणा तथा अपर उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया। जबकि उपनिरीक्षक मोहम्मद युनुस और उपनिरीक्षक तारा सिंह राणा को लाइन हाजिर किया गया।

एसएसपी मीणा ने चेतावनी दी कि यह सिर्फ शुरुआत है, आगे भी यदि किसी विवेचक की लापरवाही पाई गई तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई से बचना नामुमकिन होगा।

एसएसपी मीणा ने कहा, विवेचना पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की देरी या लापरवाही से पीड़ित पक्ष ही नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इसलिए हर विवेचक को जवाबदेह रहना होगा।

आदेश कक्ष में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ लालकुआं दीपशिखा अग्रवाल, सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी, सीओ रामनगर सुमित पांडे सहित जिले के सभी विवेचक व अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में एसएसपी ने अधीनस्थों से कहा कि अब किसी भी स्तर पर लंबित विवेचनाओं की संख्या बढ़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर केस की प्रगति नियमित रूप से मॉनिटर की जाएगी।

एसएसपी ने दिए ये निर्देश

1. विवेचकों को गुमशुदगी संबंधी विवेचनाओं को प्राथमिकता से लेने और पोर्टलों पर आवश्यक डाटा अंकन व प्रचार-प्रसार की कार्रवाई तत्काल पूरी करने का निर्देश।

2. लंबित विवेचनाओं को बिना कारण लंबित न रखने और संवेदनशीलता से कार्य करने की सख्त हिदायत।

3. न्यायालयों में लंबित कार्यवाही, पत्राचार को शीघ्र निस्तारण कर विवेचना पूर्ण करने के निर्देश।

4. संबंधित क्षेत्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विवेचनाओं का समय-समय पर पर्यवेक्षण हो तथा लापरवाही बरतने पर विवेचकों को तत्काल अनुस्मारक भेजा जाए।

5. विवेचकों को निर्देश दिया गया कि सभी आवश्यक दस्तावेज, केस डायरी पर्चे और विवेचनात्मक कार्यवाही समय पर पूरी करें।

6. किसी भी सरकारी कर्मचारी/विवेचक द्वारा न्यायालयीन गवाही से अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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