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अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल का निधन, पंजाब के छोटे गांव से बॉलीवुड के सरताज तक

बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल के बचपन और बॉलीवुड से लेकर अंतिम समय तक।

– धर्मेंद्र का जीवन परिचय, फिल्मी सफर और व्यक्तिगत जीवन की प्रमुख घटनाओं पर आधारित यह विशेष खबर
– बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (1935-2025) ने 89 वर्ष की आयु में दुनिया को कहा अलविदा

Actor Dharmendra Singh Deol dies, DDC : भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ और ‘गरम-धरम’ के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता, निर्माता और पूर्व राजनेता धर्मेंद्र सिंह देओल का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पंजाब के एक छोटे से गांव से निकलकर बॉलीवुड के सुनहरे पर्दे पर राज करने तक का उनका सफर भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है।

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष (1935-1960)
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के सानेहवाल गांव में हुआ था। उनका पूरा नाम धरम सिंह देओल था। उनके पिता केवल किशन सिंह देओल एक स्कूल हेडमास्टर थे। शुरुआती जीवन संघर्षपूर्ण था और एक फिल्म के प्रति उनके जुनून ने उन्हें मुंबई तक खींच लिया। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने रेलवे में क्लर्क की नौकरी भी की थी। 1958 में, उन्होंने एक फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट जीता, जिसने उन्हें सपनों की नगरी में प्रवेश का मौका दिया।

फिल्मी सफर और स्टारडम (1960-1980)
धर्मेंद्र ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1960 में अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की। शुरुआती दौर में उन्हें रोमांटिक भूमिकाओं के लिए जाना गया, जैसे कि ‘बंदिनी’ (1963) और ‘पूजा के फूल’ (1964)। 1966 में आई फिल्म ‘फूल और पत्थर’ ने उन्हें एक सोलो एक्शन हीरो के तौर पर स्थापित किया और वह रातों-रात सुपरस्टार बन गए। इसी फिल्म से उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ कहा जाने लगा।

1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णकाल रहा। उन्होंने कॉमेडी, एक्शन और ड्रामा हर जॉनर में काम किया। ‘सत्यकाम’ (1969) में उनके गंभीर अभिनय को आलोचकों ने सराहा, तो ‘शोले’ (1975) में ‘वीरू’ के किरदार ने उन्हें अमर कर दिया। ‘चुपके चुपके’ (1975) में उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी याद की जाती है। इस दौरान, उनकी और हेमा मालिनी की जोड़ी बेहद लोकप्रिय हुई, जिन्होंने साथ में 27 से अधिक फिल्मों में काम किया।

व्यक्तिगत जीवन और सम्मान
धर्मेंद्र ने 19 साल की उम्र में 1954 में प्रकाश कौर से पहली शादी की थी, जिनसे उनके दो बेटे (सनी देओल और बॉबी देओल) और दो बेटियां (विजेता और अजीता) हैं। बाद में, उन्होंने 1980 में अभिनेत्री हेमा मालिनी से शादी की, जिनसे उनकी दो बेटियां (ईशा देओल और अहाना देओल) हैं। सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए, उन्हें 1997 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 2012 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

राजनीतिक यात्रा
अभिनय के अलावा, धर्मेंद्र ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। वह 2004 से 2009 तक राजस्थान के बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर 14वीं लोकसभा के सदस्य भी रहे।

65 वर्षों के लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम करके, धर्मेंद्र ने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो भारतीय सिनेमा में हमेशा चमकती रहेगी।

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