– पिछले पांच दिन से उप कारागार में कैद ज्योति अधिकारी ने लहराई थी दराती
Social media influencer Jyoti granted bail, DDC : पहाड़ की महिलाओं, देवी-देवताओं का अपमान करने और सार्वजनिक स्थान पर दराती लहराने वाली सोशल मीडिया इंफुलेंसर ज्योति अधिकारी को पांचवें दिन 13 जनवरी को जमानत तो मिल गई, लेकिन जेल से राहत नहीं मिली। उन्हें अभी और कुछ दिन जेल में ही गुजारने पड़ सकते हैं। मंगलवार को हल्द्वानी द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट ने ज्योति को दो मामलों में जमानत दे दी है, लेकिन अन्य जिलों में दर्ज मुकदमों के कारण फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार ने सीबीआई जांच का भरोसा दे दिया है। इसी मांग को लेकर कुछ दिनों पहले नैनीताल रोड स्थित बुद्ध पार्क में पहाड़ी आर्मी ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में ज्योति अधिकारी भी पहुंची थी। जिसके बाद जूही चुफाल ने ज्योति के खिलाफ मुखानी थाना पुलिस को तहरीर सौंपते हुए आरोप लगाया कि ज्योति ने प्रदर्शन के दौरान न सिर्फ दराती लहराई बल्कि पहाड़ी की महिलाओं और स्थानीय देवी-देवताओं का अपमान किया। इस मामले में पुलिस ने ज्योति को बीते शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने ज्योति को जजी कोर्ट में पेश किया और उसी रात न्यायालय के आदेश पर ज्योति को जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को थाने जाते वक्त ज्योति ने एक ब्लॉग बनाया और जूही को धमकी दी। इस मामले में मुखानी पुलिस स्वत: संज्ञान लेते हुए एक और मुकदमा दर्ज किया। जेल जाने के बाद से ज्योति के अधिवकता लगातार उसकी जमानत का प्रयास कर रहे थे। मंगलवार को हल्द्वानी द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में दोनों मुकदमों पर सुनवाई हुई।
ज्योति की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट व गौरव कपूर समेत कई अधिवक्ताओं ने पैरवी की। कोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा कि ज्योति का उद्देश्य भावनाएं आहत करना नहीं था। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त माफी मांगेगी। इन्हीं दलीलों के आधार पर कोर्ट ने ज्योति की सशर्त जमानत स्वीकार की।
खटीमा से पहुंचा वारंट, बढ़ सकते हैं कारावास के दिन
द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट ने भले ही मुखानी थाने में दर्ज दोनों मामलों में ज्योति को जमानत दे दी हो, लेकिन उन पर कई और जिलों में मुकदमे दर्ज हैं। मंगलवार को जमानत मिलने के साथ ही खटीमा से वारंट जेल पहुंच गया। ज्योति के खिलाफ हल्द्वानी के अलावा ऊधमसिंह नगर के खटीमा, काशीपुर, जसपुर, अल्मोड़ा में मुकदमा दर्ज है। हल्द्वानी उप कारागार के जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने बताया कि फिलहाल अभियुक्ता को रिहा नहीं किया जा रहा है। अभियुक्ता के खिलाफ आर्म्स एक्ट, दंगा भड़काने की कोशिश, अपमान करने समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

