सरकारी कागजों में चल रहे होम स्टे, जमीन से गायब

हल्द्वानी में होम स्टे पर छापा।

– एसडीएम के निरीक्षण में खुली पोल, कई बिना पंजीकरण चलते मिले, कुछ बंद तो कई संचालकों का नहीं मिला कोई रिकॉर्ड

Raid on Homestays in Haldwani, DDC : जिले में जितनी तेजी से होम स्टे कारोबार पनप रहा है, उतनी ही तेजी से नियमों को दरकिनार कर दिया जा रहा है। मजे की बात तो यह है कि जो होमस्टे कागजों में चल रहे हैं, वो जमीन पर हैं ही नहीं और रविवार को इसका खुलासा तब हुआ जब प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण किया। कहीं वैध पंजीकरण नहीं मिला तो कहीं संचालकों के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। कुछ होम स्टे मौके पर बंद मिले, जबकि कई संचालकों की मौजूदगी तक नहीं मिली। इससे प्रशासन को संदेह है कि जिले में कई होम स्टे केवल कागजों में संचालित दिखाए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर रविवार को एसडीएम प्रमोद कुमार ने हल्द्वानी क्षेत्र में संचालित होम स्टे इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान काठगोदाम क्षेत्र स्थित आनंदम होमस्टे, कुमाऊं द्वार होमस्टे और बिष्ट जी होमस्टे की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान आनंदम होमस्टे और बिष्ट जी होमस्टे बिना वैध पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। एसडीएम ने मौके पर ही कड़ी नाराजगी जताते हुए संचालकों को तत्काल नियमों के तहत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि वैध पंजीकरण होने तक किसी भी स्थिति में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जांच के दौरान प्रशासन ने होम स्टे में उपलब्ध सफाई व्यवस्था, आगंतुक पंजीकरण रजिस्टर, ठहरने वाले पर्यटकों का विवरण, सुरक्षा इंतजाम और अन्य अभिलेखों की भी पड़ताल की। कई स्थानों पर रिकॉर्ड अधूरे मिले, जबकि कुछ इकाइयों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया।

एसडीएम प्रमोद कुमार ने कहा कि हल्द्वानी क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे होम स्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। शासन के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सीलबंदी जैसी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पड़ोसियों को भी नहीं पता कहां है होम स्टे
निरीक्षण टीम को कुछ होम स्टे बंद अवस्था में मिले। वहीं कुछ स्थानों पर संचालक मौजूद नहीं थे और आसपास के लोगों को भी इकाइयों के संचालन की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इससे प्रशासन को संदेह है कि जिले में कई होम स्टे केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कागजी रिकॉर्ड में संचालित दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्थिति कुछ और है।

सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा होम स्टे
प्रशासन का मानना है कि बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे न केवल पर्यटन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी बड़ा खतरा बन सकते हैं। ऐसे होम स्टे में ठहरने वाले पर्यटकों का रिकॉर्ड प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं रहता, जिससे किसी आपात स्थिति या आपराधिक घटना की जांच प्रभावित हो सकती है।

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